DIPLOMA IN YOGA SCIENCE OF MDNIY
ADMISSION NOTIFICATION
ADMISSION NOTIFICATION
Photos from Another Land and Another Time

ब्रह्म विचार

ब्रह्म विचार उपनिषदों के अनुसार ब्रह्म ही परम तत्त्व (Ultimate Reality) है वह जगत् का आत्मा है। ब्रह्म शब्द वृह धातु से बना है जिसका अर्थ है बढ़ना या विकसित होना ब्रह्म को विश्व का कारण माना गया है इसी से विश्व उत्पन्न हुआ है विश्व अंत में ब्रह्म में विलीन हो जाता है ब्रह्म जगत् का आधार है उपनिषद् के अनुसार ब्रह्म ही परम तत्त्व है परम तत्त्व ही अंतिम तत्त्व है सर्वाधिार है सभी वस्तुओं का मूल स्थान है तैत्तिरीय उपनिषद् में कहा गया है कि उसी तत्त्व को जगत् का मूल कहा जा सकता है जिससे सभी वस्तुओं की उत्पत्ति हो जो सभी वस्तुओं की सत्ता का आधार हो और जिसमें अंततः सभी वस्तुओं का लय हो यतो वा इमानि भूतानि जायन्ते येन जातानि जीवन्ति यत्ययान्त्यभिसंविशन्ति तद्विजिज्ञासस्व तद् ब्रह्मेति उपनिषदों के अनुसार ब्रह्म ही परम सत् है वह एक अद्वैतरूप है उसे सत्य ज्ञान अनंत स्वरूप कहा गया है

Share this:

Like this:

Like Loading...
%d bloggers like this: