कश्मीरी हिंदुओं और सिखों के प्रतिनिधियों को मुलाकात से बाहर रखना गलत : स्वामी

कश्मीर में मारे गए, बलात्कार, जबरन धर्म परिवर्तन और/या अंततः कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर किए गए कश्मीरी हिंदुओं और सिखों के प्रतिनिधियों से मुलाकात को पीएम के लिए बाहर रखना गलत था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर पर 8 दलों के 14 नेताओं के साथ करीब 3 घंटे तक बैठक की। प्रधानमंत्री आवास पर चली इस बैठक में मोदी ने संदेश दिया कि जम्मू-कश्मीर से दिल्ली और दिल की दूरी कम होगी। उन्होंने परिसीमन के बाद जल्द विधानसभा चुनाव कराए जाने की बात भी कही और नेताओं से ये भी कहा कि वे इस प्रक्रिया में शामिल हों।

बैठक में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत गुपकार अलायंस के बड़े नेता भी मौजूद थे। इनके अलावा गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी बैठक में शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होंगे लेकिन सभी को राष्ट्रहित में काम करना चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों को फायदा हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी के लिए सुरक्षा और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने की जरूरत है।

इसी बीच में बीजेपी के नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रिम कोर्ट श्री सुब्रमण्यम स्वामी ने बड़ा ब्यान दिया है। उन्होने कहा है, कश्मीर में मारे गए, बलात्कार, जबरन धर्म परिवर्तन और/या अंततः कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर किए गए कश्मीरी हिंदुओं और सिखों के प्रतिनिधियों से मुलाकात को इस बैठक में शामिल नही किया गया जो कि बिल्कुल गलत है।

@Baliramyadav007 क्या फारूक अब्दुल्ला ,उमर अब्दुल्ला मेहबूबा मुफ़्ती में से किसी ने PM मोदी से बोला कि हमारा निवेदन है शीघ्र ही POK को भारत में मिला दीजिये हम आपके साथ हैं ? नहीं

स्वामी जी.. क्या बात है। आप बिलकुल सही कह रहे हैं। आपने जो बताया है उसके बारे में बात करने की हिम्मत किसी मीडिया में भी नहीं थी। कश्मीर के हिंदुओं और सिखों और उनके गंभीर मुद्दों को दूर रखने के लिए पीएम को गलत बताने के लिए अपनी हिम्मत की सराहना करें। surender lamba @surenderlamba94

मोदी जी @नरेंद्र मोदी गुप्कर गैंग के दबाव में, राष्ट्रवादी को छोड़कर जम्मू-कश्मीर के सभी अलगाववादी प्रमुखों ने आमंत्रित किया है, क्यों? वह भाजपा के जहाज और हिंदुत्व को डुबो देंगे।मोदीजी ने भी नहीं चाहा @myogiadityanath
तथा @himantabiswa एक मुख्यमंत्री के रूप में, क्योंकि उन्हें कठपुतली परिषद की जरूरत है।उसे अच्छा सलाहकार नहीं चाहिए। Chandra Shekhar Globe with meridians @ADVOCATECS5

तकनीकी रूप से हम सभी जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर के इन प्रतिनिधियों की सूची आतंकवादी और पाकिस्तान के समर्थकों की है, इसलिए राष्ट्रवादी और केपी को आमंत्रित नहीं किया गया था और उनके प्रतिनिधि स्वयं मोदी और अमित शाह थे। पीएम और एचएम अच्छी तरह से जानते हैं कि अब जम्मू-कश्मीर को कैसे संभालना है। Dileep Jaiswal Flag of India
@DileepKJaiswal

बैठक में एक कश्मीरी पंडित को आमंत्रित करने से माहौल में जोश भर जाएगा। केपी उत्पीड़न के शिकार हैं और बैठक में उनकी उपस्थिति उन्हें भावनाओं में डाल देगी और बैठक बुलाने की भावना को खराब कर देगी। पीएम ने समझदारी से काम लिया है। Koul B L @KoulBL1
यह एक राजनीतिक दलों की बैठक है और ऐसा लग रहा है कि डॉ स्वामी के पास कोई और एजेंडा चल रहा है क्योंकि वह मोदी सरकार के हर कदम की आलोचना कर रहे हैं, केवल भगवान ही कारण जानते हैं कि हम केवल हिंदुत्व के लिए डॉ स्वानी का समर्थन करते हैं और हम उनके साथ सहमत नहीं हैं अन्य राजनीतिक विचार Messinger Flag of India Globe with meridians @i_mgoutham

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