क्या फोनरवा चुनाव में उठेंगे, प्राधिकरण के कुड़ा उठाने के बाद वसूली करने के मुद्दे?

नोएडा मेे फोनरवा चुनाव को लेकर भारी गहमागहमी है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या फोनरवा के चुनाव में प्राधिकरण के द्वारा कुड़ा उठाने और उसके बदले में 750 रुपये वसूली करने के मुद्दे उठेंगे या नही। आखिर इस पर सवाल क्यों नही उठना चाहिए? जब घर खरीदार पहले ही 99 साल की लीज रेंट चुकाती है तो फिर से प्राथमिक सेवा के लिए क्यों वसूले जा रहे है 750 रुपये मासिक। वो भी जितने किरायेदार है सभी से अलग-अलग। क्या लीज डीड में इस प्रकार की कोई शर्त रखी गयी है कि अगर प्राधिकरण नाली सीवर और कुड़ा उठाने की काम किसी ठेकेदार को दे तो उसके बदले रेजिडेंट से पैसा वसूलेगी। सबसे बड़ी बात फोनरवा जैसी संस्था भी इस पर चुपी साध ले तो रेजिडेट का तो भगवान ही मालिक है।

नोएडा के वरिष्ठ नागरिक व अधिवक्ता श्री अनिल के गर्ग (RIGHT INITIATIVE FOR SOCIAL EMPOWERMENT) ने इस पर कड़ा एतराज करते हुए नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि नोएडा प्राधिकरण अब पैसे कमाने पर उतर गयी है। नाली, सीवर और कुड़ा तो प्राथमिक सेवा है जो कि प्राधिकरण को मुफ्त में देना चाहिए। लेकिन प्राधिकरण उसके लिए चार्ज कर रही है। इसको लेकर तो व्यापारयों ने भी सवाल उठाय़ा था लेकिन फोनरवा अभी तक इस मामले पर चुप है।
एक तरफ जहाँ दुसरे राज्य सरकार बिजली पानी मुफ्त में बांटने में लगी है वही नोएडा प्राधिकरण उन लोगों से प्राथमिक सेवा के लिए पैसे वसूल रही है जिसनें 99 वर्ष के लीज रेट पहले ही दिया हुआ है।

एक तरफ सरकारे 80 करोड़ लोगों को राशन दे रही है वह भी फ्रि में वही दूसरे तरफ जो टैक्सपेयर है उन पर इस तरह के अतिरिक्त बोझ डालने में लगी है। आखिर मध्यम वर्गीय लोग कहाँ जाए। टैक्स भी दे और सेवा के बदले वसूली भी। जिला गौतमबुद्धनगर में लाखो घर खरीदार है जिनकों घर नही मिले है। दशकों से ठोकरे खा रहे है। अपने जीवन भर के कमाई बिल्डर के जेब में डालने के बाद भी मारे मारे फिर रहे है उसके लिए आवाज उठाने वाला कोई नही है।

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