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क्यों न चुनाव भी अदालत मे होनी चाहिए

क्यों न चुनाव भी अदालत मे होनी चाहिए
क्यो न चुनाव भी अदालत मे होनी चाहिए आपने सही समझा मै आगामी लोक सभा चुनाव की बात कर रहा हुँ|
अगर राम मंदिर जेसी आदर्श आस्था की जुड़ा विचार 70 सालों से अदालत मे लंबि चल रहा हो| समझ लीजिए
अगर चुनाव भी अदालत के जरिये ही हो तो देश के हजारो लाखों करोंड़ रु बच सकता है
यहाँ यह बताना जरुरी है भारत मे मर्यादा पुरुषोतम राम के मामले मे कोर्ट जिस तरह से ताल मटोल करने
मे लगा है इससे यह साबित होता है कि भारत के 80 प्रतिशत लोगो की मत को अदालत के लिए कोई मायने नही
रखती है
मुम्बई के बार बालाओ को सिर्फ 6महीने मे न्याय मिला 17 तारीख मे सुप्रम कोर्ट ने फिर से वार चलाने को
लेकर आदेश दिया हाल मे महाराष्ट्रा सरकार के व्दारा पारित विधेयक को खारिज कर दिया| विधेयक जिसने बार र्डास को समाज के लिए बुराई बताकर उस पर बैन लगाया गया था पहली बार किसी सरकार ने इस तरफ सोचना
शुरु किया था लेकिन अदालत ने इस मामले मे इतनी जल्दी फेसला दिया जिसकी उम्मीद भी नही किया जा सकता
था|
अफजल गुरु के मामले मे अर्ध रात्री मे कोर्ट चलाकर सुनवाई की गई थी क्या वह मुध्दा राम मंदिर के मुध्दे से बड़ी थी
कोर्ट SC\ST एक्ट को एक सप्ताह मे निपटा दिया था ऐसे आपको कई मामले मिलेगे जिसमे सुप्रिम कोर्ट ने
त्वरित फेसला किया है लेकिन राम मंदिर के मामले मे लगातार कोर्ट मे लापरवाही हो रही है आखिर कोर्ट 80
प्रतिशत लोगों की भावनाओ को कयों नही सुनना चाहती है भारत की आदर्श भारत की संस्क्रति से कोर्ट को इतना
वैर क्यों है कोर्ट CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा के मामले दो महीने मे चार बार सुन चुकी है
अब लगने लगा है की राम मंदिर एक बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा है वह इस बात से साफ हो जाता है जिस तरह से कोर्ट मे दलील दी जाति है वह कोर्ट कम और राजनीतिक अखाड़ा ज्यादा लगता है वहाँ भी उसी प्रकार की बहस तथा आरोप प्रत्यारोप होते है जैसे राजनीतिक पाटियाँ बाहर करती है क्यों कि पक्ष तथा विपक्ष सभी वकील किसी
राजनीतिक पाटि से सम्बन्ध रखती है
जिस दिन राम मंदिर की तरह से ही राजनीतिक भविष्य भी कोर्ट मे फैसला होने लगी|उसी दिन से समझों राम
मंदिर की संकट समाप्त हो जायेगी|
अगर चुनाव भी कोर्ट से हुआ तो भारत मे लाखो करोड़ रुपए की बचत होगी।
इस विषय पर आप अपनी राय दे ।
आपको यह विचार कैसा लगा आप कोमेट करे ।

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