कौन किसके थाली में छेद कर रहा है ? राज्य बड़ा या देश ?

समाज जागरण

जब से नशेरी आर्यान खान को एनसीबी नें गिरफ्तार किया एनसीपी के नेता अचानक ही एक्टिव हो गए। सवाल उठता है कि क्या यह मुंबई में पहला केस था ? दूसरा सवाल उठता है कि जया बच्चन से लेकर नबाब मलिक तक सभी लोग थाली में छेद करने की बात करते है। आखिर यह भी तो स्पष्ट होनी चाहिए कि कौन किसके थाली में छेद कर रहा है ? एनसीबी बालिवुड दाउद के थाली मे छेद कर दिया है क्या बालिवुड दाउद गैंग नें देश के थाली में ? आखिर ये बालिवुड नें हमारे देश को दिया क्या है ? नशा, सेक्स, अश्लीलता, मार-काट, गैंगवार, जातिवाद की वैमनस्ता और भारत के अर्थव्यवस्था में छेद करके लाखों करोड़ की मनी लांड्रिंग, लव जिहाद और क्या दिया है। देश को तो सुशांत सिंह राजपुत और रिपब्लिक भारत टीवी का अहसानमंद होना चाहिए कि इतनी बड़ी बात को देश के सामने लाकर रख दिया। अन्यथा दिन के अंधेरे मे मुंबंई की चकाचौध ने न जाने कितने सुशांत सिंह को बर्बाद कर दिया। बड़ी हैरानी तब होती है जब संसद मे खड़ी होकर एक महिला सांसद यह कहती है कि बालिबुड के थाली में छेद किया जा रहा है। इसलिए कि गोरखपुर के सांसद रवि किशन नें बालिबुड के नशेरीबुड होने का ब्याख्या संसद में कर दिया।

एक नशेरी को छुड़ाने के लिए देश के बड़े से बड़े वकील अदालत मे खड़े होकर जिरह करता है, मानवाधिकार वाले संज्ञान लेता है। न जाने कितने लोग इन नशेरी गैंगों के जाल में फंसकर अपने जान को गवा बैठते है और न जाने कितने दूसरे के जान ले लेते है। इस नशेरी गैंग पर तो सामूहिक हत्या का प्रयास जैसी धारा लगनी चाहिए। लेकिन देश की दुर्भाग्य तो देखिये। देश के पूर्व अटार्नी जनरल नशेरियों के पक्ष मे जिरह करते है और असिस्टेंट अटार्नी जनरल एनसीबी के पक्ष में। एनसीबी ने अदालत को इतने सबूत दिये कि सभी वकीलों का पसीना छूड़ा दिया। लेकिन कानून को अंधा है वह सिर्फ सुनता है देखता नही। जो अच्छे जिरह करे उसका जीत सुनिश्चित। इसका मतलब है कि इस देश में पैसे कि जरूरत है चारों लोकतंत्र को खरीद सकते है। अदालत में जिरह सिर्फ फिस के लिए किए जाते है न्याय और अन्याय के लिए नही।

आज से पहले भी बालिबुड मे नशेरियों के प्रति एनसीबी नें कार्यवाही की है लेकिन क्या आपने किसी एनसीबी का नाम जानते है, जिसने संजय दत की गिरफ्तार किया, या उस आफिसर को जानते है जिसने राहुल महाजन को गिरफ्तार किया। उस समय प्रमोद महाजन केन्द्र में मंत्री थे और स्वयं राहुल महाजन कामेडी किंग। क्या राहुल महाजन के लिए प्रमोद महाजन नें एनसीबी आफिसर के मां बहन के बारे में कुछ बोला। अरमान कोहली को तो आप जानते ही होंगे ? जो इसी केस में 8 महीने तक जेल की सजा काट कर बाहर निकला। क्या आपको पता चला।

लेकिन इस केस में ऐसा क्या था कि भारत के बालिवुड वामपंथी गैंग, नशेरीबुड के अलावा डी कंपनी भी एक्टिव हो गया। एनसीबी आफिसर को जेल भेजने की धमकी दी गई। एक ईमानदार आफिसर के बाप कौन था, उसके बीबी कौन है, उसने शादी किया या निकाह किया, उसके बाप का नाम क्या है, उसके मां कौन है, उसने दलित बनकर नौकरी क्यो ली ? एक आफिसर के पूरी प्राइवेसी सामने आ गया। गुनाह इतना था कि उसके डी कंपनी के ऊपर हाथ डाल दिया। इतना पुख्ता सबुत के बाद नशेरी गैंग के सरदार को छुड़ाने में कामयाब रहा क्योंकि यहाँ सबकुछ बिकता है। अगर ऐसा नही है तो क्या एक आफिसर के बारे में इतना सबकुछ कहने के लिए यही समय मिला। कौन किसके सरकार को बदनाम कर रहा है ? यह राजनीतिक बाते हो सकती है लेकिन एक ईमानदार आफिसर के छवि को खराब करना उसके बारे में भ्रम फैलाना और धमकी देना की उसको जेल भेजा जायेगा, एक राजनीतिक पार्टी के कदावर नेता को शोभा देता है। खैर यह बात भी सही है कि राजनीतिक कण कण में है अन्यथा सुशांत सिंह राजपुत के मामले में जैसे ही संजय राउत और फर्नविस के बीच के मुलाकात और मामला गायब।
वरिष्ठ वकील व अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट अश्वनि उपाध्याय कहते है , की हमारा कानून घटिया है। निश्चित तौर पर इसमे कोई दो राय नही है। लेकिन उससे ज्यादा घटिया वो लोग है जो पैसे के लिए इनका इस्तेमाल करते है। सच को झुठ और झुठ को सच बनाते है और नशेरियों को छुड़ा ले जाते है। न जाने कितने लोग इसी केस मे रोज पकड़े जाते है लेकिन गरीब लोग है या उनका पहुँच शाहरूख खान जैसा नही, इसलिए जिंदगी जेल में सड़ जाती है या पुलिस के हाथ मारे जाते है। उसके लिए न कोई मानवाधिकार है और नही तो कोई आटार्नी जनरल जो उसका केस लड़ सके और यह कहे कि वह 23 साल का बच्चा है।

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