अवर अभियंता प्रांतीय खंड डीएन सिंह संगठन जिला सचिव होने के चलते क्या करते हैं मनमानी

■18वर्षों से जनपद में जमें होने का लाभ लेते रहे हैं अवर अभियंता डीएन सिंह
■वर्षों से जनपद में टिके कई और कर्मचारी जिसमें पटल व क्षेत्र(फील्ड)के नाम शामिल
पवन कुमार सिंह
सीतापुर।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेशों का पालन किस तरीके से विभागों के विभागाध्यक्ष व कार्यालयाध्यक्ष कर रहे हैं।यह तो देखने से ही पता चलता है अधिशासी अभियंता मलखान सिंह प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग सीतापुर ने जिस तरीके से मीडिया को गुमराह करने के लिए झूठ बोलना चाहा और अगले ही दिन झूठ का खुलासा हो गया। जिसमें शासनादेशों का हवाला देकर यह समाचार पत्र द्वारा साबित किया गया कि जो प्रांतीय खंड अधिशासी अभियंता द्वारा कहा गया वह बिल्कुल असत्य है। इन दिनों बातें हो रही हैं की प्रांतीय खंड(लोनिवि)अवर अभियंता डीएन सिंह काफी प्रभाव शाली हैं,वह उत्तर प्रदेश डिक्लोमा इंजीनियर महासंघ के जिला सचिव भी हैं, जो उनके प्रांतीय खंड(लोनिवि)में प्रभावशाली होने का संकेत हैं।जिसका सीधा असर कहा जा सकता है की इंजीनियर महासंघ का है,कहने का मतलब यह है की प्रांतीय खंड(लोनिवि)के उच्चाधिकारी भी इस बात को बखूबी समझते हैं,की अगर क्षेत्र(फील्ड) परिवर्तन किया गया तो अवर अभियंता डीएन सिंह कुछ भी करके ऐसा करने से रोकने का प्रयास कर सकते हैं,जिसके लिए उत्तर प्रदेश डिक्लोमा इंजीनियर महासंघ भी कोई न कोई मामला लेकर बखेड़ा उनके साथ खड़ा हो जाएगा।कहने का तात्पर्य यह है बात कोई और होगी और दिशा कोई और भी बन सकती है जिसको लेकर अधिकारियों की खिंचाई हो सकती है शायद यही सोचकर अधिकारी भी क्षेत्र(फील्ड) परिवर्तन को लेकर कदम पीछे तो खींच रहे हैं। हालांकि यह चर्चा हो रही है, और चर्चाओं का कोई अस्तित्व नहीं होता यह तो सभी को पता है। परंतु 18 वर्षों से एक जनपद में जमे होने का बखूबी लाभ अवर अभियंता प्रांतीय खंड डीएन सिंह को मिल रहा है,जनपद में उनकी मजबूत पकड़ बताई जाती है जिसको लेकर वह काफी मजबूत है। यही नहीं और कई कर्मचारी भी प्रांतीय खंड(लोनिवि)में ऐसे हैं,जिनका तबादला अभी तक इधर से उधर नहीं हुआ है न तो पटक हुआ है न ही क्षेत्र(फील्ड)परिवर्तन हुआ है।सालों से स्थाई रह कर कार्य कर रहे हैं,जिसे शासनादेश के नियमानुसार सही नहीं कहा जा रहा है।इन सभी के मद्देनजर अब सभी बातें वहीं पर अटक जाती हैं की विभाग शासन द्वारा जारी शासनादेशों पर कब जागरूक होगा या सब ऐसे ही शासनादेशों की प्रांतीय खंड में अवहेलना होती रहेगी।
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मंत्री जी(लोनिवि)कई प्रांतीय खंड में एक ही स्थान पर वर्षों से बैठे,खोजा जाए हो सकती है फेहरिस्त लंबी!
सीतापुर। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड में 18 वर्षों से एक ही स्थान पर जनपद में बने और साथ ही एक ही क्षेत्र(फील्ड) में वर्षों से कार्यरत अवर अभियंता डी एन सिंह काफी चर्चित को ही रहे साथ साथ ही कई और नाम भी इनमें शामिल दिखाई पड़ रहे जब कुछ मशक्कत की गई तो इनमें से कुछ नाम की चर्चाएं काफी हो रही है।जिनमें अवर अभियंता श्रवन कुमार व धनीराम भार्गव तथा प्रशासनिक अधिकारी जो बड़े बाबू का काम देख रहे हैं रामकृष्ण श्रीवास्तव,वरिष्ठ सहायक महेश प्रसाद यादव व वरिष्ठ सहायक अमित श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं,इनमें जो लिपिक वर्ग से संबंधित हैं उनके पटल में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है न ही अवर अभियंता के क्षेत्र(फील्ड) बदले गए हैं।हालांकी अगर प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग सीतापुर के नामों की खोज की जाए, तो यह फेहरिस्त लंबी हो सकती है जिससे यह कहा जा रहा है कि शासनादेशों की महज दिखावटी बने हुए हैं और इसका पालन कितना होता है इन्हीं नामों से अंदाजा लगाया जा सकता है क्या शासनादेश विभागों के लिए महज दिखावा बनकर रह गया,यह सवाल बन चुका है?अगर नहीं तो इनका पालन सख्ती से क्यों नहीं होता?उत्तर प्रदेश सरकार में ईमानदार छवि के लोक निर्माण विभाग का जिम्मा मंत्री बना कर जितिन प्रसाद जी को सौंपा गया है अब देखना यह है क्या मंत्री जी शासनादेशों की अवहेलना पर क्या कड़े कदम उठाएंगे?यह देखने वाला होगा,फिलहाल तो अभी तक इस मामले में आगे क्या कार्यवाही होगी पता नहीं लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि मंत्री लोक निर्माण विभाग जितिन प्रसाद तक अगर जानकारी पहुंची तो कार्यवाही हो सकती होगी।

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