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भारतीय वायुसेना के LOC पार करने पर किसने क्या कहा

पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि भारतीय वायुसेना ने भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) का उल्लंघन किया है और पाकिस्तान की सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की.

वहीं भारतीय मीडिया में एयर फ़ोर्स के सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि भारत के लड़ाकू विमानों ने सुबह 3:30 मिनट पर बालाकोट के पास जैश-ए-मोहम्मद के एक कैंप पर हमला करके उसे तबाह कर दिया.

इस पर देश में त्वरित प्रतिक्रिया जाहिर की जा रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वायुसेना को बधाई देते हुए ट्वीट किया है – “मैं भारतीय वायुसेना के पायलटों को सलाम करता हूँ.”
https://twitter.com/RahulGandhi/status/1100245432901472257

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी भारतीय सेना के इसके लिए बधाई दी है.
https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1100247039361847296

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट किया है, ”यह मोदी का हिंदुस्तान है, घर में घुसेगा भी और मारेगा भी. भारतीय वायुसेना ने आज सुबह एलओसी में बने आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया. एक एक क़तरा ख़ून का हिसाब होगा. ये तो एक शुरुआत है, ये देश नहीं झुकने दूंगा.”
https://twitter.com/gssjodhpur/status/1100244765529001984

नेशनल कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा, “अगर ये केपीके का बालाकोट है तो ये भारतीय वायुसेना के विमानों की बहुत बड़ी कार्रवाई है. लेकिन यदि ये पूँछ सेक्टर का बालाकोट है, जो कि LOC से लगा है तो ये मोटे तौर पर एक सांकेतिक हमला है क्योंकि साल के इस समय चरमपंथियों के कैंप ख़ाली और निष्क्रिय होते हैं.”
https://twitter.com/OmarAbdullah/status/1100248366292754439

भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक ट्वटिर हैंडल पर वीर रस से भरी एक कविता ट्वीट की है.

यह कविता इस तरह है, ”क्षमाशील हो रिपु-समक्ष, तुम हुए विनीत जितना ही, दुष्ट कौरवों ने तुमको कायर समझा उतना ही. सच पूछो, तो शर में ही बसती है दीप्ति विनय की, सन्धि-वचन संपूज्य उसी का जिसमें शक्ति विजय की.”

https://twitter.com/adgpi/status/1100243307194658816
बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने यह ट्वीट किया.
https://twitter.com/poonam_mahajan/status/1100245925912608769

बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर लिखा है, ”अगर सेना को पहले ही फ्री हैंड दे दिया जाता तो पठानकोट, उरी और पुलवामा जैसे घटनाएं नहीं होतीं और इतने जवान शहीद न होते.”

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