हम अपना नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनायेगे:- पं विष्णु शर्मा

(देव मणि शुक्ल ब्यूरो प्रभारी )

नोएडा आज विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओ एवं पदाधिकारियों ने कयी सेक्टरो में जन सम्पर्क करके अपने नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है।इसकी जानकारी दी और जागरूक भी किया ।और बहुत लोगों ने अपना नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाने का संकल्प भी लिया ।किन्तु इस अग्रेजी नववर्ष की शुभकामनाएं भी दी और वो इसलिए कि हमें हमेशा याद रहे अंग्रेजों ने हमारे पुरखों के साथ अत्याचार किया, अंग्रेजों ने हमारे धर्म, ग्रंथों, शास्त्रो, को नष्ट करने का असफल प्रयास किया अंग्रेजों ने हमारे देश की बहुमूल्य वस्तुएं लुटी और मौत के डर से भारत छोड़कर भाग गए उनकी याद में नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं । मेरा देश विश्व विजेता, मेरा तिरंगा जान से प्यारा 100 बार जीवन भी कर दु कुर्बान ,मेरा देश महान।
पं विष्णु शर्मा ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता को सुनाते हुए कहा कि
ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं
है अपनी ये तो रीत नहीं
है अपना ये व्यवहार नहीं
धरा ठिठुरती है सर्दी से
आकाश में कोहरा गहरा है
बाग़ बाज़ारों की सरहद पर
सर्द हवा का पहरा है
सूना है प्रकृति का आँगन
कुछ रंग नहीं , उमंग नहीं
हर कोई है घर में दुबका हुआ
नव वर्ष का ये कोई ढंग नहीं
चंद मास अभी इंतज़ार करो
निज मन में तनिक विचार करो
नये साल नया कुछ हो तो सही
क्यों नक़ल में सारी अक्ल बही
उल्लास मंद है जन -मन का
आयी है अभी बहार नहीं
ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं
ये धुंध कुहासा छंटने दो
रातों का राज्य सिमटने दो
प्रकृति का रूप निखरने दो
फागुन का रंग बिखरने दो
प्रकृति दुल्हन का रूप धार जब स्नेह – सुधा बरसायेगी
शस्य – श्यामला धरती माता घर -घर खुशहाली लायेगी
तब चैत्र शुक्ल की प्रथम तिथि
नव वर्ष मनाया जायेगा
आर्यावर्त की पुण्य भूमि पर जय गान सुनाया जायेगा
युक्ति – प्रमाण से स्वयंसिद्ध नव वर्ष हमारा हो प्रसिद्ध आर्यों की कीर्ति सदा -सदा नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
अनमोल विरासत के धनिकों को चाहिये कोई उधार नहीं
ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं
है अपनी ये तो रीत नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं।

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