fbpx

*विद्यार्थी संस्कार शिविर*

*आपके भीतर भगवान ने अनंत शक्तियां दी हैं। आपको स्वयं को जानना, जगाना, पाना है। जिसने जान लिया वो स्वयं को जगा लेगा और अपने भीतर की सारी दिव्यता पा लेगा।*

_हमें प्रथम कोटि का व्यक्ति बनना है। ज्ञान शक्ति में प्रथम कोटि का बनना है। भाव शक्ति, आपके भीतर जो मानवीय संवेदनाएं जिसको मानवता कहा जाता है, उसमें भी प्रथम कोटि का बनना है। कर्म शक्ति में, क्रिया शक्ति, पुरुषार्थ शक्ति में प्रथम कोटि का बनना है।_

*बच्चों को शास्त्र स्मरण, भाषा का अभ्यास, जीवन के श्रेष्ठ अभ्यास और इनके जीवन में जो प्रमाद नाम का राक्षस है, उसका वध करके, मोक्ष करके इनको श्रेष्ठतम बच्चे बनाएंगे।*

_इन बच्चों को देखकर मुझे लगता है कि अब भारत का भविष्य सुरक्षित है। यह बच्चे बहुत महान बनेंगे विद्या अभ्यासों में, जीवन के व्रत अभ्यास में, इनमें इतनी कुशलताएं आ जाएंगी कि 125 करोड़ के भारत में 125 बच्चे भी ऐसे महान पैदा हो गए तो भारत पूरे विश्व का नेतृत्व करने में सफल हो जाएगा।_

*- परम पूज्य स्वामी रामदेव जी*

Please follow and like us:
%d bloggers like this: