अज्ञात बीमारी से पकरीबरावां के दो मजदूरों की मौत, एक की हालत नाजुक

झारखंड में पथ निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की अचानक बिगड़ी तबीयत

पकरीबरावां(नवादा)पकरीबरावां थाना के दो मजदूरों की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई जबकि अन्य चार बीमार हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मामला पकरीबरावां थाना क्षेत्र के गुलनी पंचायत के अमरपुर बेलदरिया गांव का है, जहां दो मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हुई है। तीन मजदूरों को इलाज के लिए परिजनों द्वारा बाहर ले जाया गया है, जबकि एक मजदूर रामविलास चौहान पैसे के अभाव में एवं अंधविश्वास के कारण गांव में ही पड़ा है। उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
बताया जाता है कि अमरपुर बेलदरिया के 36 वर्षीय रामविलास चौहान, उसका पुत्र 18 वर्षीय राजा चौहान, राजू चौहान के पुत्र 20 वर्षीय दीपू चौहान, लखन चौहान के 40 वर्षीय पुत्र उमेश चौहान तथा रामदुलार चौहान के 18 वर्षीय पुत्र अनिल चौहान समेत 6 लोग झारखंड के खूंटी में मजदूरी करने गए थे, जहां खूंटी के जंगल में पथ निर्माण कार्य में मजदूरों को लगाया गया था। सभी मजदूर नालंदा के ठेकेदार के द्वारा वहां भेजे गए थे। इन मजदूरों के साथ नालंदा एवं भागलपुर के मजदूर भी पथ निर्माण के कार्य में गए थे। पथ निर्माण का कार्य बीते 3 महीने से चल रहा था। होली में सभी मजदूर घर आकर पुनः वापस काम के लिए गए थे। बीते 23 अप्रैल को सभी के सभी मजदूर अचानक एक-एक कर बीमार पड़ने लगे। इसकी जानकारी जब संवेदक को मिली तो वे अपने पेटी कांट्रेक्टर के द्वारा सभी को कुछ पैसा दिलवाकर बिहार भेजवा दिया। इस बीच 26 अप्रैल को रामदुलार चौहान के 18 वर्षीय पुत्र अनिल चौहान की मौत हो गई। वहीं, 29 अप्रैल को रामविलास चौहान उर्फ गोरे चौहान के 18 वर्षीय पुत्र राजा को भी अज्ञात बीमारी ने लील लिया। वर्तमान में रामविलास चौहान की स्थिति नाजुक बनी हुई है। वह पैसे के अभाव एवं अंधविश्वास के कारण घर में पड़ा है। उसके अलावा अन्य तीन की भी स्थिति ठीक नहीं है। परिजनों द्वारा उसे पटना ले जाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बिहार लौटे नालंदा जिले के सहबाजपुर निवासी मजदूर संजय चौहान कि 22 अप्रैल को मौत हो गई जबकि उसके ठीक बाद भागलपुर के मजदूर की मौत हुई है।
इधर, दो मजदूरों की मौत की सूचना पकरीबरावां प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास पहुंची। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने तत्काल मेडिकल टीम को गांव भेजा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां से डॉ. सौरभ कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम गांव पहुंची। इस बीच टीम ने बीमार पड़े रामविलास चौहान का इलाज किया। डॉ. सौरभ ने बताया कि मरीज का ऑक्सीजन लेवल काफी कम है एवं जॉन्डिस के भी लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मरीज को सदर अस्पताल रेफर किया गया है, परंतु परिजन जाने से इंकार कर रहे हैं।
मेडिकल टीम द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी नीरज कुमार एवं थानाध्यक्ष शिशुपाल अमरपुर पहुंच स्थिति का जायजा लिया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम पहुंची, इलाज के बाद उसे रेफर किया गया, परंतु वे जाने से इंकार कर रहे हैं। समझाकर भेजने का प्रयास किया जा रहा है।

मौत का एक कारण मजदूरों का पलायन भी –
पकरीबरावां के मजदूरों की विभिन्न प्रदेशों में मौत एवं हत्या हो रही है। इसका मुख्य कारण मजदूरों का गांव से पलायन भी है।
मनरेगा के तहत इन मजदूरों को काम नहीं मिलने से ये मजदूर पलायन को मजबूर हो रहे हैं। नतीजा दूसरे प्रदेशों में जाकर मजदूर मौत का शिकार हो रहे हैं। कोई बीमार होकर मौत के मुंह में जा रहे हैं, तो किसी की हत्या हो जा रही है।
बता दें कि पकरीबरावां में मनरेगा से मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। मजदूरों को 100 दिनों की काम की गारंटी देता मनरेगा योजना लूट का धंधा बन चुका है।
मनरेगा में मशीन से काम करवाकर रुपए की निकासी की जा रही है। ऐसे में इन मजदूरों को पलायन करना इनकी मजबूरी बन जा रही है।

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