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थायराइड को रोकने की सबसे असान तरिका

थायराइड को रोकने की सबसे असान तरिका
थायराइड (thyroid) गले की ग्रन्थि है जिससे थ्रयोक्सिन बनते हैं। थायराइड (thyroid) की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संतुलन का हारमोन जब बिगड़ने लगता है तब इंसान को यह रोग लगता है। जब यह हारमोन शरीर में कम हो जाते हैं।
तब शरीर का मेटाबॉलिज्म तेजी के साथ बढ़ने लगता है साथ ही शरीर में ऊर्जा भी तेजी के साथ खत्म हो जाती है और जब यह हारमोन शरीर में अधिक हो जाते हैं। तब मेटाबॉलिज्म तेजी से कम होने लगते हैं। जिसके कारण शरीर में ऊर्जा कम बनने लगती है। जिससे सुस्ती, थकान होने लगती है।
थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। ये तितली के आकार की होती है।
थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। पुरूषों में आजकल https://amzn.to/2zv1drD की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है। आयुर्वेद में थायराइड को बढ़ने से रोकने के बेहद सफल प्रयोग किया जा सकता है। थायराईड की लक्षण कुछ इस प्रकार होते है।
• चेहरे का फूल जाना।
• त्वचा का शुष्क होना।
• डिप्रेशन।
• वजन का अचानक बढ़ना।
• थकान का आना।
• शरीर में पसीने की कमी।
• दिल की गति का कम होना।
• अनियमित या अधिक माहवारी का होना।
• कब्ज का बनना आदि।

आयुवेर्दिक उपाय :

अदरक
अदरक में मौजूद गुण जैसे पोटेशियम, मैग्नीश्यिम आदि थायराइड की समस्या से निजात दिलवाते हैं। अदरक में एंटी-इंफलेमेटरी गुण थायराइड को बढ़ने से रोकता है और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार लाता है।

मुलेठी का सेवन

थायराइड के मरीजों को थकान बड़ी जल्दी लगने लगती है और वे जल्दी ही थक जाते हैं। एैसे में मुलेठी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। मुलेठी में मौजूद तत्व थायराइड ग्रंथी को संतुलित बनाते हैं। और थकान को उर्जा में बदल देते हैं। मुलेठी थायराइड में कैंसर को बढ़ने से भी रोकता है।
गेहूं और ज्वार का इस्तेमाल ।

गेहूं के ज्वार का सेवन

थायराइड ग्रंथी को बढ़ने से रोकने के लिए आप गेहूं के ज्वार का सेवन कर सकते हो। गेहूं का ज्वार आयुर्वेद में थायराइड की समस्या को दूर करने का बेहतर और सरल प्राकृतिक उपाय है। इसके अलावा यह साइनस, उच्च रक्तचाप और खून की कमी जैसी समस्याओं को रोकने में भी प्रभावी रूप से काम करता है।

साबुत अनाज

जौ, पास्ता और ब्रेड़ आदि साबुत अनाज का सेवन करने से थायराइड की समस्या नहीं होती है क्योंकि साबुत अनाज में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स आदि भरपूर मात्रा होता है जो थायराइड को बढ़ने से रोकता है।

काली मिर्च का सेवन

काली मिर्च का सेवन थायराइड की समस्या होने पर बहुत ही फायदेमंद होता है। आप किसी भी तरह काली मिर्च का सेवन कर सकते हो आपको फायदा मिल जाता है। आप काली मिर्च का प्रयोग करके अपने आवाज को भी सूरीला बना सकते है। काली मिर्च को हल्का सा गर्म करके इसे पीस ले और शहद के साथ मिलाकर ले सकते है।

लौकी का जूस

रोजाना खाली पेट लौकी का जूस पीने से थायराइड खत्म हो जाती है। बस इस बात का ध्यान रखें कि लौकी का जूस पीने के आधा घंटे तक कुछ भी न खाएं। इससे आपके शरीर मे अगर अधिक वजन है तो, वजन भी कम होता है। यह आपके पेट मे पाचन क्रिया को ठीक करता है। इस जूस का नियमित रूप से सेवन करे इससे आपके तथा एसिडीटी मे भी फायदा होता है।
लौकी की जूस पीने से आपके शरीर के हीट को भी नियंत्रित रखता है। जिससे आप सिरदर्द जैसी समस्या से दूर रह सकते है। लौकी की जूस मे अगर अदरक मिलाकर पियेंगे तो आपको ज्यादा फायदा होेगे।
लौकी का जूस आपके दिल को भी बनाता स्वस्थ:

अगर आप नियमित रूप से लौकी का जूस सेवन करते रहे तो यह आपको दिल की समस्या से भी दूर रखता है। दिल्ली से जूड़ू विभिन्न समस्यायों से आप बच पाते है। जो लोग अधिक तला भूना खाते है उनके लिए भी विशेष लाभकारी है, इसके सेवन से लीवर मे सूजन नही आते है।

आयुर्वेद मे आप कचनार गुगुल की दो दो गोली सुबह शाम ले सकते है। इससे आपके थायराइड हमेशा सामान्य रहेगा।

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