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दाईं किडनी में अक्सर दर्द रहने के पीछे हो सकते हैं ये 4 कारण

दाईं किडनी में अक्सर दर्द रहने के पीछे हो सकते हैं ये 4 कारण ऐसे पहचानें इसके लक्षण

हमारी दोनों किडनियों में से एक में हमेशा तेज दर्द होता है। आपकी दाहिनी ओर किडनी में दर्द किडनी से जुड़ी समस्या या फिर पास के अंगों, मांसपेशियों और शरीर के अन्य उत्तकों में किसी प्रकार की गड़बड़ी के कारण होता है।

हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से किडनी यानी की गुर्दा हमारे पेट के ऊपरी हिस्से और पस्ली के ठीक नीचे होता है। मनुष्य के शरीर में दो किडनी होती है लेकिन व्यक्ति के लिवर के आकार और स्थिति के मुताबिक, हर किसी की की दाई किडनी, बाई किडनी के मुकाबले थोड़ी सी नीचे होती है। अधिकतर मामलों में हमारी दोनों किडनियों में से एक में हमेशा तेज दर्द होता है।

आपकी दाहिनी ओर किडनी में दर्द किडनी से जुड़ी समस्या या फिर पास के अंगों, मांसपेशियों और शरीर के अन्य उत्तकों में किसी प्रकार की गड़बड़ी के कारण होता है। अगर आपकी भी दाहिनी किडनी में अक्सर दर्द रहता है तो इसके पीछे 4 कारण हो सकते हैं। आप इसके कारणों को पहचान कर किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह के साथ बिल्कुल फिट हो सकते हैं क्योंकि किडनी में जरा सी परेशानी हमारे पूरे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।

दाहिनी किडनी में दर्द के चार कारण
मूत्र पथ संक्रमण (Urinary tract infection (UTI))
यह आमतौर पर बैक्टीरिया के द्वारा होता है लेकिन कभी-कभार यह फंगी और वायरस के जरिए भी फैलता है। यूटीआई एक आम संक्रमण है। हालांकि यह हमेशा मूत्र मार्ग के निचले हिस्से को प्रभावित करता है लेकिन कभी-कभार इसके कारण किडनी भी प्रभावित हो जाती है।

अगर इस बैक्टीरिया के कारण प्रभावित हो गई है तो आपको ये लक्षण और संकेत दिखाई देंगे।

तेज बुखार।
पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द।
ठंड लगना और कंपकंपी।
लगातार पेशाब आना।
बार-बार पेशाब आना जैसे महसूस होना।
पेशाब में रक्त या पस आना।
मतली और उल्टी होना।
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गुर्दे की पथरी (Kidney stones)
आपकी किडनी में बनने वाली ये पथरी पेशाब में जमा गंद के कारण होती है। गुर्दे की पथरी शरीर में मौजूद नमक और मिनरल के जमा हो जाने के कारण बनने लगती है। गुर्दे की पथरी में दर्द के ये लक्षण होते हैं, जिन्हें पहचान कर आप इसका सही इलाज करा सकते हैं।

पीठ में दर्द।
बार-बार पेशाब करने की जरूरत महसूस होना।
पेशाब करते वक्त दर्द होना।
कम मात्रा में पेशाब आना।
पेशाब में खून और झाग आना।
मतली और उल्टी होना।
किडनी कैंसर (Kidney cancer)
किडनी कैंसर के बाद की स्टेज में पहुंचने तक इसके लक्षण आमतौर पर दिखाई नहीं देते हैं। बाद में इसके जो लक्षण दिखाई देते हैं और दर्द का कारण बनते हैं उनमें शामिल हैं।

लगातार पीठ और एक हिस्से में दर्द रहना।
पेशाब में खूना आना।
थकान होना।
भूख न लगना।
बेवजह वजन घटना।
मियादी बुखार।
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पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (Polycystic kidney disease (PKD)
पीकेडी एक जेनेटिक विकार है, जो किडनी पर तरल पदार्थ से भरे अल्सर के समूह जमा होने के कारण होता है। क्रॉनिक किडनी डिजीज का एक रूप पीकेडी किडनी की गतिविधियों को कम कर देता है और यह संभावित रूप से किडनी फेलियर का कारण बन सकता है।

पीकेडी के लक्षण और संकेत

पीठ और एक हिस्से में दर्द।
पेशाब में खून आना।
गुर्दे की पथरी।
हार्ट वॉल्व में गड़बड़ी।
हाई ब्लड प्रेशर।

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