रक्षक ही बना भक्षक, मारकुंडी पुलिस ने किया वर्दी को शर्मसार

रक्षक ही बना भक्षक, सरकारें बदलती है लेकिन सिस्टम नही बदलती, सिस्टम की बदहाली और सिस्टम में मनमानी का ये खेल को नया नही है, लेकिन थोड़ा अलग जरूर है। क्योंकि प्रदेश योगी सरकार है जो रोज नित्य दावे करती है महिला रक्षा बेटी बचाओं और बैटी पढाओं वही दूसरी तरफ उसके ही पुलिस रात के 12 बजे घर के दरबाजे तोड़कर घर में घुसते है और 3 घंटे तक तोड़फोड़ करते है। महिलाओं के साथ मार-पीट और अभद्रता करते है। घर मे कोई भी मर्द नही होने पर भी पुलिस बिना महिला पुलिस लिए ही घर में घुस जाती है। महिलाओं को उठाकर थाने ले जाती है और वहाँ भी थाने में गाली गलोच करती है। आपको विश्वास नही है तो आप स्वयं इस विडियों को देखिये और सुनिये।

विडियों

मामला थाना मारकुंडी जिला चित्रकूट का है। जहाँ के थाना प्रभारी अपने साथियों के साथ रात के 12 बजे बिक्की पांडे के घर पहुँचते है। दरबाजा खटखटाने पर अन्दर से जबाब मिलता है कि घर में कोई पुरुष नही है इसलिए दरबाजा सुबह में खुलेंगे। लेकिन थाना प्रभारी साहब पर पुलिसिया रोब का इतना खुमार चढ़ा कि रात में ही दरबाजा तोड़ दिए। गाली गलौच का विडियों तो आप देख ही रहे है। जो कि अंधेरे मे बनाये गए है, इसलिए सिर्फ आवाज को ही ध्यान से सुनियें तो आपको समझ मे आने में देर नही लगेगा। बिना महिला कांस्टेबल के घर में घुसना और महिलाओं के साथ अभद्रता करना लाचार सिस्टम का ही एक विकृत रूप है। अब लोग न्याय मांग रहे है। क्या योगी पुलिस इन महिलाओं के साथ हुए अभद्रता करने वालो के साथ सख्ती से पेश आयेगी या फिर जांच के नाम पर मामले को रफा दफा करने की काम करेंगी।

देखिये पूरा विडियों

संजय मिश्रा समाज जागरण ब्यूरो चीफ चित्रकूट
चित्रकूट जनपद के मारकुंडी थाना प्रभारी द्वारा अपने हमराही ओं के साथ रात 12:30 बजे छोटी पाटन गांव विक्की पांडे के घर पर पहुंचकर जिस तरह का तांडव पुलिस द्वारा किया गया है शायद स्वतंत्रता के 70 वर्षों में आज तक किसी जिले मैं किसी थाना प्रभारी द्वारा शायद नहीं किया होगा आपको बताते चलें कि थाना प्रभारी अपने पांच साथियों के साथ अर्ध रात्रि को विक्की पांडे के घर में दरवाजा तोड़कर महिलाओं की अभद्रता के साथ पिटाई करना एवं गाली गलौज करना इन सभी पुलिस के कारनामों का वीडियो जिले में तेजी के साथ वायरल हो रहा है और चारों तरफ जनता द्वारा पुलिस की निंदा की जा रही है जानकारी के मुताबिक घर में महिलाओं के अलावा कोई पुरुष नहीं था जिससे महिलाएं दरवाजा नहीं खोल रही थी और दरवाजा न खोलने की स्थिति में पुलिस द्वारा दरवाजा तोड़कर घर के अंदर घुसकर तोड़फोड़ कर मचाया तांडव यहां तक कि प्रभारी निरीक्षक के साथ नहीं थी कोई महिला कांस्टेबल सोचने वाली बात यह है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएगा तब कैसे होगी देश प्रदेश और जनता की रक्षा महिलाओं द्वारा धवल जयसवाल पुलिस अधीक्षक चित्रकूट को आपबीती बताकर न्याय की गुहार लगाई गई है अब देखना यह है कि पीड़िता को न्याय मिल रहा है या फिर विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर लीपापोती कर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा

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