सरकार द्वारा गरीबों को दिया जाने वाला फ्री राशन डीलरों के लिए बन गया जी का जंजाल

बिजनौर जनपद किरतपुर दैनिक समाज जागरण शरीफ मलिक

अक्सर हमे जनता के मुख से राशन डीलरों की शिकायत ही सूनने को मिलते है लेकिन पहली बार किसी डीलर नें सरकार की शिकायत की है। अक्सर जनता को लगता है कि राशन डीलर को तो अनाज बांटने के लिए सरकार से मिलते है जिसकों राशन डीलर ब्लैक में बेचकर अपना जैब भरते है, लेकिन कभी हम और आप सरकार के लेट लतीफी पर बात नही करते है। हमे तो लगता है कि सरकार नें कह दिया तो सभी काम अलाद्दीन के चिराग की तरह हो जाते है। अक्सर डीलरों को राशन नही बांटने को लेकर गाली गलौच औऱ मार पीट तक की सामना करने पड़ते है। लेकिन अबकी बार एक डीलर नें सरकार की पोल खोल कर दी है। सरकार के कामकाजी सरकार नौकर कितने समय से काम करते है उसका एक बेहतरी उदाहरण देकर समझा दिया है। मुफ्त में बंटने वाले राशन कैसे डीलरों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है।

सरकार द्वारा गरीबों को दिया जाने वाला फ्री राशन डीलरों के लिए बन गया जी का जंजाल== ब्लॉक किरतपुर क्षेत्र में माह अप्रैल का दूसरा कोटा बांटने की आखिरी तारीख 12 मई थी इसके अंतर्गत गेहूं और चावल राशन डीलरों को दे दिया गया है परंतु चना नमक रिफाइंड आज 15 मई तक उपलब्ध ना कराए जाने के कारण राशन का वितरण अधर में लटका हुआ है क्योंकि रिफाइंड चना और नमक का वितरण इस कोटे के साथ ही किया जाना था जो अभी तक राशन डीलरों को उपलब्ध नहीं कराया जा सका है जिसको लेकर अब 20 मई की तारीख राशन डीलरों को दे दी गई है इस प्रकार 12 मई व 20 मई के बीच में 8 दिन का गैप हो गया है दूसरी और कभी-कभी फिंगरप्रिंट वाली मशीन मैं नेटवर्क न आने के कारण राशन डीलर को नेटवर्क आने का मशीन के चलने का इंतजार बेसब्री से करना पड़ता है इसके लिए कई कई बार लाभार्थी को राशन लेने के लिए राशन की दुकान पर चक्कर लगाने पड़ते हैं मुख्य रूप से समस्या उन लोगों के सामने और विकट हो जाती है जो पंचायत में दूसरे गांव शामिल होते हैं और उनका फासला कहीं-कहीं तो 1 से 2 किलोमीटर तक होता है यदि मशीन ना चलने और फिंगरप्रिंट मैच ना होने के कारण ऐसे लाभार्थी को एक बार आने पर राशन उपलब्ध नहीं होता है और परिवार के मर्द मजदूरी करने बाहर जाते हैं महिलाओं को राशन लेने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है ऐसे लाभार्थी के लिए गंभीर समस्या बनकर रह गया राशन वितरण कार्यक्रम लाभार्थी सीधे तौर पर राशन डीलर पर गुस्सा दिखाता हुआ नजर आता है ऐसी स्थिति में यदि राशन की दुकान से दूसरे गांव के लाभार्थी बड़ी संख्या में 2 किलोमीटर तक का फासला तय करके आते हैं तो उनके लिए सरकार को उसी गांव में राशन वितरण की व्यवस्था कर देनी चाहिए जिससे मुख्य रूप से महिलाओं और बुजुर्गों को बार-बार कई किलोमीटर चलकर दूसरे गांव में राशन लेने जाने की आवश्यकता ही महसूस ना हो यदि सरकार इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराती है तो जनहित में यह सबसे बड़ा सराहनीय कार्य होगा

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