मरीजों की सेवा करना चिकित्सक का प्रथम कर्तव्य-डॉ0 साकेत ठाकुर

●डॉ0साकेत ठाकुर सीएचसी कसमंडा के साबित हो रहे वरदान
●धरती के भगवान के रूप में डॉ0साकेत ठाकुर की चर्चा कर रहा जनमानस
रवीन्द्र सिंह/पवन कुमार सिंह
सीतापुर।डिप्टी सीएम उत्तर प्रदेश बृजेश पाठक स्वास्थ्य महकमे की सेहत सुधारने व महकमे की कमियां जानने स्वयं ही एकाएक कब सीएचसी पहुंच जाएं पता नहीं वह इसलिए की ऐसा वह पहले कर चुके हैं जिसमें उनके द्वारा कड़ी चेतावनी भी जांच के दौरान दी।तो वहीं अपने काम के प्रति बेहद संजीदा लोग भी महकमें में हैं,ऐसे ही जनमानस चिकित्सक को धरती का भगवान नहीं कहते,बल्कि उनकी खूबियां उनको इस काडर में ले आती हैं।सरकारी चिकित्सालय में जो लोग इलाज कराने के मकसद से जाते हैं,वह कहीं न कहीं गरीब तबके से जुड़े होते हैं।परंतु यह देखा गया है की धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक कमीशनखोरी के चलते एक लम्बी लिस्ट के तौर पर दवाइयां लिख देते हैं,जिसे काफी मसक्कत से मरीज ले लेता है,पर ऐसे भी धरती के भगवान हैं जो इससे परे कार्य करते हैं,और इन दिनों सीएचसी कसमंडा में तैनात चिकित्सक डॉ0साकेत ठाकुर की काफी बातें हो रही हैं।बताते हैं की डाक्टर साहब किसी भी मरीज को प्राइवेट दवा की पर्ची नहीं देते बल्कि उनका कहना है की की शासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसमंडा को दवाएं पर्याप्त हैं,जिनसे हरसंभव स्थिति से मरीज को लाभ दिया जा सकता है,और मरीज ठीक हो सकता है।अपने इसी तरह से नम्र मृदूभाषी स्वभाव के चलते डॉ0साकेत ठाकुर जनमानस में चर्चित हो रहे हैं,सीएचसी पर शायद ही ऐसा मरीज आता हो जो इनको न पहचानता हो।इसपर संवाददाता ने डॉ0साकेत ठाकुर से मुलाकात की तो उनके द्वारा बताया गया, सीएचसी में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं,अधीक्षक अरविंद वाजपेयी के भी निर्देश हैं बाहर से दवाइयां न लिखी जाएं।इस तरह से ईमानदारी व लगन से अपने चिकित्साधिकारी होने का दायित्व निभा रहे डॉ0साकेत ठाकुर जनमानस में अपनी व सीएचसी कसमंडा की बेहतर छवि बना रहे हैं,साथ ही प्रदेश सरकार के नियमों पर खरा उतरने में भी कामयाब दिखाई पड़ रहे हैं।
——————
बाक्स
मरीजों की सेवा ही कर्तव्य-उमेश यादव(नेत्र परीक्षक)
सीतापुर। मृदुभाषी स्वभाव के चलते इसी कसमंडा में तैनात नेत्र परीक्षक के तौर पर कार्य कर रहे उमेश यादव की भी लोगों में काफी चर्चा है,जब बात की गई लोगों से तो उन्होंने बताया कि उमेश सर जी मरीजों की मदद के लिए सदैव आगे रहते हैं। सीएचसी कसमंडा में ओपीडी समय अनुसार प्रतिदिन होती है, जिसमें कई लोग किसी न किसी चीज को लेकर,इधर-उधर पूछते नजर आते हैं,परंतु जब डॉ उमेश यादव से मुलाकात होती है,तो उनके अंदाज के लोग कायल हो जाते हैं। कहने का तात्पर्य है कि जब कोई उनसे मिलता है तो उस व्यक्ति की मदद के लिए मरीज को जहां जाना होता है उसे वहां तक पहुंचाने स्वयं जाते हैं और जब वह संतुष्ट हो जाता है तब वह आगे बढ़ते हैं। इस पर उमेश यादव(नेत्र परीक्षक)से भी मिलकर बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि चिकित्सक का फर्ज हैतो उसका निर्वाहन करना पड़ता है। जिससे जनमानस को यह पता चलता है की हम ठीक हो सकते हैं क्योंकी प्रेम से मरीज से बातचीत कर ली जाए तो अभी बीमारी तो ऐसे ही समाप्त हो जाती है। जिस तरीके से सीएचसी में सेवाएं दी जा रही हैं,इससे सीएचसी कसमंडा की लिए बेहतर छवि बन रही है।

Please follow and like us:
%d bloggers like this: