अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा बड़ी बात नही

अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्जा कर लिया यह बड़ी बात नही है बड़ी बात यह है अब एक आतंकवादी संगठन ने देश पर राज कर लिया है जो पूरी दुनियां के लिये खतरा होगा अब उनको किसी से मांगने की जरूरत नही होगी खुद का देश होगा और छुपने के लिये एक पूरा देश होगा…?
इंसानियत के लिये खतरा होगा..!
अफगानिस्तान में जो हो रहा है उसके लिए इस्लाम को छोड़कर सब ज़िम्मेदार बताए जायेंगे।

हिंदुओं को जानना चाहिए की उनके पूर्वजों नें क्या झेला होगा 800 साल में।

मोमिन भी सीख सकते हैं कि वह किस प्रकार से अपने पूर्वजों के हत्यारों का मजहब अपने सर-माथे पर बड़े गर्व से लेकर घूम रहे हैं।
जागो हिन्दू जागो ये भ्रम छोड़ो की चौदह सौ साल मैं वो हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सके पहले पाकिस्तान बांग्लादेश कश्मीर केरला बंगाल एक एक करके हिन्दू विहीन करने का एजेंडा जारी है तभी तो अबुबकर जैसे दुमछल्ले कहते हैं कि हमने 70% प्रतिशत जमीन हिंदुओं से छीन ली है

70 हज़ार तालिबानी और अफ़ग़ानिस्तान की जनसंख्या 4 करोड़। जिसमे से तक़रीबन 3 लाख अफ़ग़ानी फौजी हैं।

उधर पता चला है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अब्दूल गनी अपने साथ जहाज में भरके पैसे ले गया है। इस समय में जब देश को लड़ने की जरूरत है वहाँ के राष्ट्रपति ही भाग जाए तो सेना किसके भरोसे लडेगी। जिस समय में नेता या आम जनता को जान बचाना मुश्किल हो रहा है नेता पैसे लेकर के भागने में व्यस्त है।

एक आकड़े में देखा जाय तो भारत में भी यही स्थिति हो सकते है और सरकार नें इस पर ध्यान नही दिया। क्योंकि हम सभी जानते है कि तालिब का मतलब है शिक्षा, तालिबान तालिब का बहुवचन है। अब जिसकों को आतंक का तालिब मिला हो और बड़ी संख्या में हो उसी को तालिबान कहते है। भारत में भी बड़ी संख्या में तालिब देने का काम जारी है।

जब घोड़े नें जेहादियों को पटक दिया।

जेहादियों नें पाकिस्तान में लाहौर स्थित महाराज रंजीत सिंह का प्रतिमाा को तोड़ दिया। लेकिन उससे पहले महाराज रंजित सिंह का घोड़ा नें ने उसे कई पटका मारा और ये बता दिया कि तुम वही लोग हो जिसनें तलवार के बल पर सलवार पहन लिया। हमारी तो प्रतिमाएँ भी तुमसे ज्यादा शक्तिशाली है। आखिर महाराज रंजित सिंह का घोड़ा है, किसी जेहादी का थोड़े ही है जो तलवार के दम पर सलवार पहन ले और उसे पठानी सूट का नाम दे दे।

तालिबानी सत्ता आने के 24 घंटे में ही महिला रिपोर्टर ने बदली ड्रेस? ये है सच्चाई

तालिबान क्या चीज है यह सीएनएन के अमेरिकी रिपोर्ट को देखकर बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है। महिला रिपोर्ट नें अफगानिस्तान में सत्ता बदलते ही बुर्का धारण कर ली। इसको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि तालिबान किस प्रकार से क्रुरता पर उतर आया है। अब भारत तो है जहाँ लोग सरकार को कुछ भी बोल दे और सरकार से अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर दिल्ली में दंगा करवा दे। सुना है तालिबान सत्ता में आने के बाद से अचानक ही बुर्के की बिक्री बढते है जा रहे है। इस कदर बिक्री बढ़ी है कि सारे दुकाने खाली हो चुका है। अगर भारत होता तो यहाँ पर लिबरल गैंग फटे जिंस पर भी अपना विचार रखते है। ऐसे लोगों को चाहिए कि कुछ दिनों के लिए अफगान जाये और उन महिलाओं को न्याय दिलाये जिनकों रातों रात फटी जिंस छोड़कर बुर्का पहनने को मजबूर होना पड़ा है।
अमेरिकन टीवी रिपोर्टर की एक विडियों तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें रिपोर्टर नें पूरी तरह से अफगानी ड्रेस में यानी की बुर्का में नजर आ रही है। इस बात को देखकर तालिबान की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। महिला रिपोर्टर क्लेरिसा वार्ड एक तरफ जहाँ सामान्य वेस्टर्न ड्रेस में नजर आ रही है वही दूसरी तरफ तालिबानी ड्रेसप में नजर आ रही है।

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