विकास दीपोत्सव में पथ विक्रेताओं के साथ किया गया है भेदभाव : श्याम किशोर गुप्ता

समाज जागरण नोएडा

उत्तर प्रदेश के नगर निकाय और नगर निगम को प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशनुसार विकास दीपोत्सव मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए सप्ताह भर तैयारियों का दौर चल रहा था और आज से मेले की शुरुआत हो चुकी है। लखनऊ वाराणसी मुरादाबाद से मेले की भव्या आयोजन की खबर आ रहा है। इसके साथ ही यह खबर भी कि मेले में पथ विक्रेताओंं को विशेष लाभ देने वाली बात कहकर उनके साथ एक बार फिर से छलावा होने की खबर है। हर बार की तरह स्वयं सहायता समूहों को विशेष स्थान दिया गया है और वेंडर को बाहर की तरफ। जाहिर है एनजीओं के लोग किसी भी सरकार और पार्टी के लिए प्रचार प्रसार के काम करती है तो उनका पहुँच सरकारी महकमें में रहती है। भला पथ विक्रेताओं से बड़ा स्वयं सहायता समूह और हो कौन सकता है। लेकिन लेबल मार्किंग में उनका पोजिशन डाउन कर दिये जाते है।
नोएडा रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन के महासचिव श्याम किशोर गुप्ता नें इसे पथ विक्रेताओं के साथ छलावा बताया है। उनका कहना है कि जब यह कहा गया है कि पथ विक्रेताओं के लिए मेला लगाए जा रहे है तो फिर पथ विक्रेता को टैंट से बाहर क्यो रखा गया है। लखनऊ में कुल 8 जोन है सभी जोन से 100 पथ विक्रेताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात सिर्फ समाचार पत्रों मे जबकि जमीनी हकीकत कुछ औऱ ही है। ऐसा ही जानकारी मुरादाबाद और दूसरे नगर निगम और नगर निकाय का भी है। यहाँ पर संस्थाओं को विशेष लाभ दिया जा रहा है, विकास दीपोत्सव मेले से वेंडर को बहुत उम्मीदे थी लेकिन हकीकत कुछ औऱ ही है। मुरादाबाद से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यहाँ पर स्ट्रीट वेंडर के बजाय स्वयं सहायता समूहों को ज्यादा महत्व दिया गया और वेंडर को खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया, जबकि बात यह हो रही थी कि पथ विक्रेताओं को निशुल्क स्टाल बनाकर दिया जायेगा।

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