स्म्राट सिटी के स्म्राट सीवर: पहले दारू फिर दवा

समाजवादी पार्टी के रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे जिसकों लेकर राजनीतिक हल्के में बवाल हुआ। लेकिन ये कोई हैरानी वाली बात नही है, भाई जिसका डीएनए ही पाकिस्तानी हो वह लोग किसी भी पार्टी में जाए नारा तो पाकिस्तान का ही लगेगा।
लेकिन उससे बड़ी हैरानी वाली बात है कि योगी जी इतने सारे भाषा कहाँ से सीखे है, कहते है जो जिस भाषा में समझेगा समझा देंगे।

नोएडा स्म्राट सिटी में नाली भी स्म्राट है। देखिये नोएडा भंगेल की स्म्राट नाली, जो कि प्लास्टिक्स की थैली से भरी पड़ी है। पहले दारु पीकर नाली में गिरो, फिर नाली से निकलकर दवाई की दुकान पर जाओं। ऐसे नोएडा सेक्टर 115 में अगर आप जायेंगे तो आपको एक प्राकृतिक झिल भी देखने को मिलेगा। बस कृप्या इसमें नहाईयेगा नही अन्य़था सौ बीमारियों का वरदान है।

स्म्राट सिटी नोएडा में लाईसेंसी वेंडर की दुकान बंद है और अवैध वेैंडर बीच सड़क पर ठेली खड़ा कर के सामान फल और सब्जी बेच रहा है। सबसे बड़ी बात जगह जगह नारियल की दुकान लग रही है वह भी रिहायशी व्यवस्था के साथ।

भले ही बाजार में कोरोना फैलता हो लेेकिन ई-रिक्शा और आटो में कोरोना नही फैलता है। या ऐसा भी हो सकता है कि यह रिक्शा और आटो 100 प्रतिशत सेनेटाईजेशन के साथ चल रहा हो। भले ही मोटरसाईकिल के पीछे बैठे दूसरे सवारी के पास में अगर हैलमेट नही हो तो चालान कट जाता है, लेेकिन 2 सवारी के अनुमति वाले ई रिक्शा में 12 सवारी और 3 सवारी के आटो रिक्शा में 15 सवारी तो आम बात है।

जब कोई घटना हो जाए तो प्रशासन आनन फानन में सख्ती करने का आदेश देता है और आनन फानन में कुछ कारवाई भी होता है लेकिन यह एक्शन सिर्फ कुछ घंटो के लिए ही होते है। कुछ घंटो बाद तो ऐसा लगता है जैसे कि कुछ हुआ ही नही है। खैर यह तो प्रशासनिक मामला है। ऐसे मै आपको बता दूँ की कानपुर में भी एक आटो रिक्शा में 18 सवारी लेकर जा रहा था वो भी उल्टे साइड से। तभी एक बस ने टक्कर मार दिया और 18 व्यक्ति सदगति को प्राप्त हुए। दोष तो ड्राइवर का भी था और गाड़ी में बैठने वालों का भी प्रशासन तो बेचारा मासूम है उनको क्या मतलब इन बातों से। फिर से जब कुछ होगा तो दो चार सस्पेंड होगा बांकि सब ऐसे ही चलता रहेगा।

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