दीपावली पर बिजली की रंग बिरंगी लाइटे न लगाकर अपनी संस्कृति और सभ्यता बचाए

दीपावली पर मिट्टी के दीपो को जलाकर अपना राष्ट्र-प्रेम निभाए

दीपावली पर बिजली की रंग बिरंगी लाइटे न लगाकर अपनी संस्कृति और सभ्यता बचाए
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(देव मणि शुक्ल )

नोएडा दीपावली का त्यौहार हमारी सभ्यता और संस्कृति का परिचायक है ।आज के इस आधुनिकता के समाज में सब कुछ विलुप्त होता सा जा रहा है । इस बार समाज में ऐसी जागरूकता पैदा करने के लिए समाज में कयी सामाजिक संगठनों ने बीडा उठाया है ।इसी कडी मे एक वरिष्ठ समाज सेवी रवि राघव ने आज समाचार हिन्दी दैनिक अखवार को एक साक्षात्कार में समाज के लोगों से अपील किया है कि हमें इस दीपावली पर वही से खरीददारी करना है जिससे समाज के गरीबों के घरों में भी दिए जल सके।
आगे वरिष्ठ समाज सेवी रवि राघव ने पुरजोर तरीके से अपील करते हुए कहा कि दीपावली आते ही बाजार मे सजे रंग बिरंगी लाइटे और झालरो की ओर हम आकर्षित होने लगते है जिससे जो भी पूँजी पति देश हमारे दुश्मन है हम उन्हीं को और मजबूत करने का काम करते है ।क्या कभी हमारे जेहन में आता है कि हमारे समाज में जो भी गरीब उपेक्षित लोग सालभर मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करते है,
और आशा भरी निगाहों से हमें दीपावली पर खरीददारी के लिए निहारते रहते है।इसी खरीददारी से उनकी दीपावली मनती है ।
हम ऐसे लोगो से खरीददारी न करके कितने घरो में दीपावली के दिए न जलने के गुन हगार होते हैं। हमें अपने राष्ट्र के प्रति सेवा भाव के तहत ऐसे परिवारों के घरों में भी दीपावली मन सके कृतसंकल्प होना चाहिए ।सही मायनों तभी हम खुशी से दीपावली मनाए । हमारे किसी गरीब परिवार में इस दीपावली पर्व पर अंधकार नही होना चाहिए ।सच्ची देश भक्ति यही है ।
मेरा सभी देश वासियों से विनम्र निवेदन है कि हम अपने अपने घरों को दीपो से सजाए, बिजली की लाइटें अधिकतर चीन से आती हैं जो कि अपना दुश्मन देश है और हमारी जमीन हड़पने की कोशिश करता रहता है हमें चीनी सामानों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करना चाहिए, चीन हमसे ही पैसा कमाकर हमसे ही लड़ता है उसे अवश्य ही सबक सिखाना होगा । अगर हम अपने अपने घरों की सजावट दीपक से करेंगे तो हमारे अपने भाईयों को रोजगार मिलेगा और दीपक और मोम बत्ती बेचने वाले हमारे भाई भी अपना त्योहार हंसी खुशी मना सकेंगे और इससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।

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