प्रधानमंत्री मोदी से छठ पूजा के अवसर पर पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग

प्रधानमंत्री मोदी से छठ पूजा के अवसर पर पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग,छठव्रतियों ने खरना की पूजा कर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की
नोएडा,09 नवंबर 2021
अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने पत्र लिखकर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर सूर्योपासना के महान पर्व छठ पूजा के दिन सम्पूर्ण देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है।उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि छठ महापर्व भगवान सूर्य की उपासना का महानतम पर्व है।इस महापर्व में छठव्रती चार दिनों तक पूजा करते हैं,जिसमें 36 घन्टे तक तो निर्जला व्रत करते हैं।कठिन पूजा-पाठ,व्रत,उपवास, साफ-सफाई,प्रसाद बनाने आदि में इतना कार्य करना पड़ता है कि छठव्रतियों के साथ परिवार के सदस्य भी अति व्यस्त होते हैं।इसलिये छठ महापर्व पर कार्तिक शुक्ल षष्ठी अर्थात 10 नवंबर को पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाये।श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री से कहा है कि बिहार, झारखंड,उत्तरप्रदेश,दिल्ली, उत्तराखंड आदि प्रदेशों में अवकाश घोषित है।इन प्रदेशों के अतिरिक्त अन्य प्रदेशों में भी बड़ी संख्या में लोग छठ पर्व मनाते हैं।इसलिए पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा शीघ्र किया जाये।श्री शर्मा ने छठ पर्व के अवसर पर अवकाश घोषित करने के लिए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद दिया है।
अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया है कि सूर्योपासना के महान पर्व छठ की तैयारियां नोएडा के कई सेक्टरों में जोरों से चल रही हैं।भगवान सूर्य को अर्घ्य देने हेतु सेक्टर-75 के गोल्फसिटी,प्लाट-8 में छठ घाट और घाट के निकट सूर्यपिंड पूर्ण रूप से निर्मित हो चुका है।घाट में स्वच्छ जल,प्रकाश आदि की उत्तम व्यवस्था की जा रही है।श्री शर्मा ने बताया कि सूर्योपासना के महान छठ पर्व के दूसरे दिन आज कार्तिक शुक्ल पंचमी को छठव्रतियों ने अपने-अपने घरों में खरना की पूजा की।स्नान करके छठव्रतियों ने सबसे पहले रोटी, चना दाल, चावल का पिट्ठा, चावल, गुड़ की खीर आदि का प्रसाद बनाए।फिर उन्होंने सिंदूर, पान, कसेली, लौंग, कपूर और प्रसाद के साथ भगवान सूर्य और षष्ठी देवी की पूजा की।पूजा के उपरांत छठव्रतियों ने प्रसाद ग्रहण किया और अपने परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को प्रसाद खिलाए।प्रसाद ग्रहण करने के उपरांत छठव्रतियों का 36 घन्टे का निर्जला व्रत शुरू हो गया।अब छठव्रती 36 घन्टे तक अन्न और जल ग्रहण नहीं करेंगे।
कल 10 नवंबर को कार्तिक शुक्ल षष्ठी के सायंकाल अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को जल से अर्घ्य दिया जायेगा।11 नवंबर को कार्तिक शुक्ल सप्तमी के प्रातःकाल उदीयमान भगवान सूर्य को दूध एवं जल से अर्घ्य दिया जायेगा।अर्घ्य के उपरांत छठव्रती छठघाट के निकट बने सूर्य पिंडों के पास बैठकर भगवान भास्कर की पूजा करेंगी।अर्घ्य और पूजा के उपरांत छठव्रतियों के 36 घन्टे का निर्जला व्रत समाप्त हो जायेगा और उनके पारण के बाद चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो जायेगा।

मुन्ना कुमार शर्मा
राष्ट्रीय अध्यक्ष
अखिल भारतीय प्रवासी महासभा

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