सामुहिक प्रार्थना का बल

                 सामुहिक प्रार्थना का बल

 

सुपुत्री का विवाह उत्सव पैतृक निवास ग्राम+ पोस्ट  लखनौर, मधुबनी, विहार में 22 अप्रैल, 2022 को था। प्रभु के कृपा एवं  आशीर्वाद से सारा मांगलिक  कार्यक्रम अपने निर्धारित विधि -विधान से चल रहा था । बारात आगमन से पूर्व अचानक बिजली चमकने, तेज गर्जना के संग दो चार बारिश के बूंदों  ने सारी आशा और उम्मीदों पर तुषारपात करने लगा । सभी मनोरथ ध्वस्त होते दिखाई देने लगे । विवाह में आये  कुटुम्ब, समाज के लोग, अन्य आंगुतक, व्यवस्था को संभाल रहें कार्यकर्ता  का उत्साह  पर  पानी  फिरने लगा ।  पंडाल में उपस्थित कई लोगों का  मोबाइल बजने लगा और कई जगहों से संदेशा आने लगे कि फलां जगह तेज बारिश, ओले और आंधी से भारी तबाही हो रही है, साथ ही यहां के व्यवस्था पर इस बदलें परिस्थिति का क्या असर हो रहा हकी भी जानकारी चाही ?  फोन पर लोगों द्वारा कई जगहों पर विवाह पंडालों के उखरने, रिसोर्ट की दीवार ढहने जैसे घटनाओं के भी  निराशाजनक संदेश  मिल रहे थे

ऐसी विषम परिस्थिति में मेरी दशा जैसे डूबते जहाज के कप्तान की होती है, उससे भी विकट हो रही थी । उस समय मेरी दशा क्या थी ? वो  मैं  शब्दों में बता सकने में असमर्थ हूं । मैने अपने हैसियत से बढ़कर सुपुत्री की शादी को भव्य बनाने हेतु  यथासंभव  प्रयत्न किए । इस हेतु अपने संसाधन के अलावा, कुटुंब और मित्रों से हर तरह के सहयोग लिया । विवाह उत्सव में  सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत  प्रसिद्ध लोक कलाकारों की भी प्रस्तुति  होने वाली थी ।  चिर संचित अभिलाषा को यों मिटते देखना मेरे वश से बाहर था । मैने तत्काल विवाह स्थल से निकलकर थोड़ी दूरी पर जहां अंधेरा और एकांत था , वहां गया और आर्त: भाव से अपने इष्ट देवों की प्रार्थना शुरू की । प्रभु को अपनी सीमित अर्थ और  चिर संचित मनोरथ को वास्ता दिलाया। रोते-रोते मेरे आंख लाल हो गए ।  कुछ  देर इसी अवस्था में प्रभु से प्रार्थना की । बारात आने  का समय हो रहा था । सब कुछ ईश्वर पर सौंपकर बारात की स्वागत करने हेतु पुन: पंडाल आया । कुछ मिनटों के लिए मुझे समझ ही नहीं आया क मैं कहाँ हूँ .? विवाह स्थल में या पूजा स्थल पर  ! विवाह स्थल पूर्ण रूप से प्रार्थना स्थल में बदल चुका था और  सभी के ओंठ  प्रार्थना के शब्दों से बुदबुदा रहे थे ।

 कृपामयी भगवान ने सभी की प्रार्थना स्वीकार कर पुन: मौसम मनोनुकुल   बना दिया और  विवाह उत्सव सकुशल रुप में  संपूर्ण मनोरथ संग पूर्ण हुआ । सामुहिक प्रार्थना की शक्ति और प्रभु के इस ममतामयी कृपा हेतु मैं  सदैव कृतज्ञ और ऋणी रहूंगा  जिनके कारण  मैं  न केवल असहज स्थिति से ऊबर पाया बल्कि निर्विध्न रूप से सब अभिलाषा भी पूरे हो गये।

 

प्रवीण कुमार झा, 

जी -28 सेक्टर 20, नोएडा 201301

मोबाईल 9868521422

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