राजद प्रत्याशी श्रवण कुशवाहा प्रचंड बहुमत से जीत की ओर, शक्ति यादव।

नवादा (धर्मजीत सिन्हा)लालू की विचारधारा की जड़ें इतनी गहरी है कि उसे कोई तोड़ व डिगा नहीं सकता है। उनके लोगों की एकजुटता कायम है। नवादा में एमएलसी चुनाव में लालू के लोग उनके उम्मीदवार के साथ खड़े हैं। एक बड़ी जीत सुनिश्चित है। उक्त बातें राजद के प्रदेश प्रवक्ता व जिला प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने शुक्रवार को शहर के होटल बुद्धा रीजेंसी में प्रेस वार्ता के दौरान कही।
श्रीयादव ने कहा कि कोई लड़ाई नहीं है। कार्यकर्ताओं, नेताओं के मेहनत व पंचायत राज के निर्वाचित प्रतिनिधियों के सहयोग-समर्थन से पार्टी उम्मीदवार श्रवण कुशवाहा प्रचंड बहुमत से जीत की ओर बढ़ चुके हैं। अधिनायकवाद की अधीनता को लोग स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। पार्टी अपनी विचारधारा, नीति, सिद्यांत के बूते चल रही है। उन्होंने उन कार्यकर्ताओं, नेताओं व जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया जो पार्टी उम्मीदवार श्रवण कुशवाहा के लिए दिन-रात एक कर रखे हैं। कहा कि मर्यादा को तार-तार वही करता है जो हासिये पर जाता है।
जाति, गोत्र, उप जाति का सहारा लेने का मतलब होता है वह कमजोर हो चुका है। राजद एटूजेड की पार्टी है। जो लोग अनुशासनहीनता कर रहे हैं और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, उनके बारे में प्रतिवेदन प्राप्त किया जा रहा है। साक्ष्य मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। कहा कि राग द्वेष को छोड़ें और विचारधारा को अंगीकार कर पार्टी उम्मीदवार को जीताने में ताकत लगाएं। प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों पर कहा कि मतदता सबका मूल्यांकन कर रहे हैं। सबको यहां के लोग देख चुके हैं और धाेखा खा चुके हैं। राजद ने एक नया विकल्प श्रवण कुशवाहा के रूप में दिया है। लोग उस विकल्प में ही भविष्य देख रहे हैं। मौके पर जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष उदय यादव, राजद नेता गौतम कपूर चंद्रवंशी आदि मौजूद थे।
अंतिम समय में चुनाव को आमने-सामने बनाने की कवायएमएलसी चुनावी मैदान में कुल 11 प्रत्याशी हैं। शुरू से त्रिकोणीय मुकाबले के आसार थे। अंतिम समय में चुनाव को आमने-सामने का बनाने की कोशिशें की जा रही है। शतरंजी बिसात पर मोहरे चले जा रहे हैं। वोटरों पर पकड़ रखने व प्रभाव डालने वाले कई क्षत्रप हर हाल में मुकाबले को दो प्रमुख दलों के उम्मीदवारों राजद के श्रवण कुशवाहा व जदयू के सलमान रागीव के बीच आमने-सामने का बनाने की कवायद में हैं। लगातार बैठकें चल रही है। कहीं नेताओं की बैठक तो कहीं वोटरों के साथ उम्मीदवारों की बैठक हो रही है। छेद हर उम्मीदवारों के सुरक्षा घेरे में है। यह कोई दावा करने की स्थिति में नहीं है कि हमारे घटक, गठबंधन व कुनबे में सबकुछ दुरूस्त है। ऐसे में कब किसके वोट का कटाव हो जाए कहना मुश्किल है। पिछले चुनाव से थोड़ी भिन्न स्थिति इस चुनाव में रही। लेकिन, अब रणनीतिकार इसे पिछले चुनाव की भांति ही आमने-सामने करने की ब्यूहरचना में जुटे हैं। सफलता कितनी मिलती है, वक्त बताएगा। वैसे, अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

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