राजनीति में आने के बाद राजा भैया ने भाषा की मर्यादा और मंच की गरिमा को बरकरार रखा है -अनुभव यादव*

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(विश्वनाथ त्रिपाठी ब्यूरो प्रभारी )

प्रतापगढ़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया इतने वर्षों के सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा मंच की मर्यादा बरकरार रखने का सदा पूरा प्रयास किया।
उक्त बातें विकासखंड बिहार बाघराय कुंडा के ब्लॉक प्रमुख अनुभव यादव ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव पर पलटवार करते हुए कहा। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ कुंडा बाबागंज में सियासी पारा चढ़ गया है बताते है कि कुंडा बाबागंज की सीट पर राजा भैया का विशेष प्रभाव रहता है कभी राजा भैया के यहां पले पूर्व चेयरमैन कुंडा गुलशन यादव को समाजवादी पार्टी ने इस बार प्रत्याशी बनाया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव अपने चुनावी सभा में विधानसभा क्षेत्र में विकास की बात ना करके राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके चुनावी माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं हालांकि सपा प्रत्याशी की इस टिप्पणी से प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए मुकदमा भी पंजीकृत किया है। इस आपत्तिजनक टिप्पणी से कुंडा बाबागंज के राजा भैया समर्थकों में आक्रोश उत्पन्न हो गया है और माहौल काफी गर्म है। इस बारे में विकासखंड बिहार बाघराय कुंडा के पूर्व प्रमुख अनुभव यादव का कहना है कि सपा प्रत्याशी को इस बात को अच्छी तरह मालूम होना चाहिए कि कुंडा बाबागंज मे लगभग 60 फीसदी यादव का भला राजा भैया के जनता दरबार से ही हुआ है 2022 के इस इलेक्शन में 60 फीसदी से ज्यादा यादव मतदाता राजा भैया के साथ रहेंगे। राजा भैया के बारे में विरोधी किस भाषा का प्रयोग करते हैं उस पर राजा भैया ध्यान नहीं देते और राजा भैया मंच से सदा मर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं। आपत्तिजनक अभद्र बातें करना उनके संस्कार में नहीं है। जातीय गोलबंदी करके इलेक्शन नहीं जीते जाते उसके लिए प्रत्याशी को जनता का विश्वास जीतना चाहिए और उसकी उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए यह सब गुण हमारे राजा भैया के अंदर हैं इसलिए वह 1993 से लगातार रिकॉर्ड मतों से जीत की पताका फहराते हुए चले आ रहे हैं। इससे विरोधियों में खलबली मच गई है और उन्हें अभी से ही अपनी हार का डर सताने लगा है इसलिए वह जातीय गोलबंदी करके आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। राजा भैया ने भाषा की मर्यादा और मंच की गरिमा को बरकरार रखने का पूरा प्रयास किया है।

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