वेंडिंग जोन को लेकर उच्च न्यायलय में जनहित याचिका

नोए़डा रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन के द्वारा माननीय उच्च न्यायलय प्रयागराज में जनहित याचिका। श्याम किशोर गुप्ता व अन्य वर्सेस उत्तर प्रदेश राज्य व 16 अन्य में दायर याचिका में रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन के द्वारा नोएडा के हर सेक्टर में वेंडिंग जोन बनाने के लिए दिशानिर्देश देने की मांग की गयी है।
हालाँकि माननीय उच्च न्यायलय के द्वारा पहले भी कई बार पथ विक्रेता अधिनिय 2014 के संदर्भ में नोएडा प्राधिकरण को दिशा निर्देश दिया गया। लेकिन अभी तक उनको पूरा करने में प्राधिकरण असफल रही है। दायर जनहित याचिका में संविधान के धारा 226 का उल्लेख किया गया है।

संविधान की धारा 226 द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय को यह अधिकार प्राप्त है कि वह निर्देश, आदेश तथा प्रादेश का निर्गम (issuing) केवल संविधानप्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन के लिये ही नहीं, अपितु “किसी अन्य उद्देश्य के लिये” भी कर सकता है। … उपयुक्त मामलों में, यदि न्यायालय उचित समझे तो, वह घोषणाएँ करने के लिये भी स्वतंत्र है।

बताते चले कि नोएडा प्राधिकरण के द्वारा बनाए गए वेंडिंग जोन वेडर को व्यवसायिक से ज्यादा विवादास्पद बना दिया है। प्राधिकरण पर ये भी आरोप लगते रहे है कि वेंडिंग जोन पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के नियमानुसार नही बनाया जा रहा है।

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