पत्रकार सुरक्षा कानून अविलम्ब लागू हो* . संजय मिश्रा

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दैनिक समाज जागरण ब्यूरो चीफ संजय मिश्रा चित्रकूट

चित्रकूट आए दिन पत्रकारों के साथ हो रहे अन्याय अत्याचार मारपीट और हत्याओं एवं झूठे मामलों में पत्रकार और मीडिया कर्मियों को फंसाने की जो देश में होड लगी है और इन सभी कारणों से देश का पत्रकार और मीडिया कर्मी निष्पक्ष देशहित राष्ट्रहित भू और बालू माफियाओं एवं नेताओं तथा भ्रष्टाचार मे लिप्त अधिकारी एवं कर्मचारियों की निष्पक्ष खबर और न्यूज़ पत्रकार और मीडिया कर्मियों को रिपोर्टिंग करना दिन प्रतिदिन नामुमकिन होता जा रहा है जिससे पत्रकार और मीडिया कर्मी जो देश का स्वतंत्रता का चौथा स्तंभ है वह आज के समय में भय और दहशत के साथ रिपोर्टिंग करने की वजह से निष्पक्ष खबर और न्यूज़ नहीं निकाल पा रहा है पत्रकार एकता महासंघ फाउंडेशन राष्ट्र हित और देश हित के लिए पत्रकार और मीडिया कर्मियों के हित हेतु निम्नलिखित मांग केंद्र सरकार से कर तत्काल प्रभाव से लागू कराने की मांग करती है जिससे देश के चौथे स्तंभ के पारदर्शिता का अस्तित्व बना रहे अन्यथा देश के चौथे स्तंभ का अस्तित्व ही धीरे धीरे खत्म हो रहा है और समय रहते अगर सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो वह दिन दूर नहीं जब देश के चौथे स्तंभ का नामोनिशान देश से मिट जाएगा पत्रकार एकता महासंघ फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंकित अवस्थी राष्ट्रीय महा सचिव सूरज मरावी चित्रकूट बांदा मंडल अध्यक्ष संजय मिश्रा सहित समस्त संगठन के पदाधिकारी देश के स्वतंत्रता के चौथे स्तंभ को बचाने के लिए दृढ़ संकल्पित है सरकार द्वारा अगर शीघ्र संज्ञान नहीं लेती तो पत्रकार एकता महासंघ फाउंडेशन धरना प्रदर्शन कर सरकार को घेरने का काम करेगी
2- पत्रकार – मीडियाकर्मी पर कवरेज के दौरान हमले को विषेश कानून के तहत दर्ज किया जाए।

3- पत्रकार – मीडियाकर्मी को कवरेज करने से रोकने को सरकारी काम में बाधा की तरह देखा जाए।

4- पत्रकार – मीडियाकर्मी पर दर्ज हुए मामलों की पहले स्पेशल सेल के तहत जांच की जाए, मामले की पुष्टि होने पर ही केस दर्ज किया जाए।

5- पत्रकार – मीडियाकर्मी पर दर्ज हुए मामले की जांच के लिये कम से कम पीसीएस या आईपीएस अधिकारी द्वारा जांच हो।

6- यदि पत्रकार – मीडियाकर्मी पर झूठा मामला दर्ज किया जाता है और उसकी पुष्टि होती है तो झूठा मुकदमा करने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास और अधिकतम जुर्माने का प्रावधान हो।

7- पत्रकार – मीडियाकर्मी की हत्या को रेयरेस्ट क्राइम के अंतर्गत रखा जाए।

8- पत्रकार – मीडियाकर्मी की कवरेज के दौरान दुर्घटना या मृत्यू होने पर निःशुल्क बीमा प्रदान किया जाए।

9- कवरेज के दौरान घायल हुए पत्रकार – मीडियाकर्मी का इलाज सरकारी अथवा निजि अस्पताल में निरूशुल्क किया जाए।

10- यदि पत्रकार – मीडियाकर्मी के परिजनो पर रंजिशन हमला किया जाता है तो उनका इलाज सरकारी अथवा निजि अस्पताल में निःशुल्क किया जाए।

11- कवरेज के दौरान अथवा किसी मिशन पर काम करते हुए पत्रकार – मीडियाकर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए।

12- पत्रकार – मीडियाकर्मी को आत्म सुरक्षा हेतु लाइसेंस इश्यू किया जाए।

13- सभी पत्रकार – मीडियाकर्मी को कवरेज के लिये राज्य तथा केन्द्र की ओर से आई-कार्ड जारी किया जाए।

14- प्रशासनिक व विभागीय बैठकों में पत्रकारों की उपस्थिति अनिवार्य हो।

15- पत्रकार – मीडियाकर्मी को कवरेज हेतु आवागमन के लिये आधे किराये का प्रावधान हो, तथा रेलवे में यात्रा के लिये शीघ्र आरक्षण का प्रावधान हो।

16- पत्रकार – मीडियाकर्मी के लिये टोल टैक्स में छूट प्रदान की जाए।

17- यदि पत्रकार – मीडियाकर्मी को धमकियां मिले तो उसकी सुनवाई शीघ्र हो तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए

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