ग्रेटर नोएडा: सुपरटेक के 1,009 फ्लैटों को सील करने का आदेश दिया

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने नियमों के उल्लंघन के मामले में दिग्गज रीयल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के 1,009 फ्लैटों और विलाज को सील करने का आदेश दिया है। अथॉरिटी ने सुपरटेक के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमिक्रॉन-1 स्थिति Czar कॉम्पलैक्स में बन रहे फ्लैटों को लेकर यह आदेश दिया है। अथॉरिटी का कहना है कि सुपरटेक ने तय प्लान का उल्लंघन किया है। अथॉरिटी ने जिन 1,009 यूनिट्स को सील करने का आदेश दिया है, उनमें से आधे बिक चुके हैं, इनमें 105 विला भी शामिल हैं।

ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी ने दावा किया कि कंपनी को Czar कॉम्पलैक्स में सिर्फ 844 हाउजिंग यूनिट्स तैयार करने की अनुमति दी थी। लेकिन उसने नियमों को घोर उल्लंघन करते हुए 15 रेजिडेंशियल टावर तैयार कर दिए, जिनमें कुल 1853 यूनिट्स हैं। सुपरटेक का यह प्रॉजेक्ट 20 एकड़ में फैला है। हालांकि सुपरटेक ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।
दो साल पहले भी सुपरटेक मुश्किल में आ गया था, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के ही सेक्टर 93ए में कंपनी के एमेराल्ड कोर्ट प्रॉजेक्ट के दो रेजिडेंशियल टावर्स को गिराने का आदेश दिया था। सुपरटेक ने 24 मंजिला टावर बनाने की ही परमिशन ली थी, लेकिन उसने 40 मंजिला इमारतें बनाकर खड़ी कर दीं। हालांकि इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। उच्चतम न्यायालय में फिलहाल मामले की सुनवाई चल रही है। लेकिन प्रॉजेक्ट में प्रॉपर्टी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए जरूर मुश्किल बनी हुई है।

Czar के मामले की बात करें तो जिन 100,9 यूनिट्स को बंद करने का अथॉरिटी ने आदेश दिया है, उनमें से किसी में भी कोई लोगों ने रहना शुरू नहीं किया है। हालांकि कॉम्पलैक्स की दूसरी यूनिटों में करीब 200 परिवार रहते हैं। इन यूनिटों में रहने वाले लोगों ने ही सबसे पहले नियमों के उल्लंघन के बारे में पता लगने पर अथॉरिटी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने 11 अप्रैल को
सुपरटेक को नोटिस जारी कर 30 दिन के भीतर प्रॉपर्टीज को सील करने का आदेश दिया था।

अथॉरिटी ने जिन फ्लैटों को सील करने का आदेश दिया है, वह कई टावर्स में हैं। Czar कॉम्पलैक्स स्थित फ्लैट्स को सुपरटेक 2,525 रुपये वर्ग फुट से लेकर 3,890 रुपये वर्ग फुट तक में बेच रही है। 20 एकड़ में बनी Czar टाउनशिप में नियमों के उल्लंघन से सुपरटेक ने साफ इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एडिशनल फ्लोर एरिया रेश्यो खरीदा था और मंजूरी के लिए रिवाइज्ड प्लान भी भेजा था।

सुपरटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर आरके अरोड़ा ने कहा, ‘एडिशनल फ्लोर एरिया रेश्यो को दिसंबर 2014 में अथॉरिटी से खरीदने के बाद हमने काम शुरू किया था।’ कंपनी ने कहा कि हमने रिवाइज्ड प्लान ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के समक्ष भी भेजा था। अरोड़ा ने कहा, ‘यह अधिक यूनिटें अनुमति सीमा के अंतर्गत ही हैं और फ्लोर एरिया रेश्यो को लेकर यूपी सरकार की नीतियों के तहत ही है।’ उन्होंने कहा कि इन यूनिटों के लिए हम अतिरिक्त राशि अदा करने को भी तैयार हैं। हमने प्लान की मंजूरी के लिए अथॉरिटी के पास भी आवेदन किया है।

कंपनी के इस तर्क पर अथॉरिटी ने कड़ा जवाब दिया है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एडिशनल सीईओ पीसी गुप्ता ने कहा, ‘पहले निर्माण और बाद में उसकी मंजूरी लिया जाना कैसे संभव है। पहले निर्माण किया जाए और बाद में उसे मंजूरी के लिए भेजने की बजाय कंपनी को पहले ही अपनी फाइल भेजनी चाहिए थी।’ पीसी गुप्ता ने कहा कि इस प्रॉजेक्ट के लिए सुपरटेक को 15 सितंबर, 2006 को जमीन आवंटित की गई थी और 10, जनवरी 2007 को लीज डीड अमल में आई थी।
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