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ऑनलाइन इश्क

” ये इश्क नहीं आसां “,आजकल यही जुमले सुनने को मिलते हैं नैना और अमित दोनों की दोस्ती फेसबुक से हुई थी , अमित उसके घर से कुछ दूरी पर ही रहता था , किन्तु नैना उससे कभी बात नहीं करती थी हालाँकि नैना ने कभी उसमें दिलचस्पी ही नही दिखाई । वो तो अमित उसके पीछे पड़ा था । किसी तरह दोनों ने एक दूसरे से ऑनलाइन परिचय बढ़ाया । धीरे धीरे दोस्ती ने एक नया इतिहास रचा ,वो था प्यार का । अब दोनों की अंडरस्टैंडिंग बहुत स्ट्रांग हो चुकी थी ।
वहीं दोनों के बारहवीं के परिणाम भी घोषित हो गये । नैना अच्छे ग्रेड से पास हुई और अमित कुछ कम नंबरों से पास हुआ ।
अमित के घर वाले अमित को अच्छे नामी कॉलेज में डालना चाहते थे पर कम नंबर होने से तीसरी कट लिस्ट में नाम आया । नैना को ज्यादा कठिनाई नहीं हुई चूँकि पहले से ही उसके अच्छे नंबर थे जो संतुष्टिजनक रहा ।
अब कॉलेज स्टार्ट हुए , नैना और अमित ने एक ही स्ट्रीम को चुना ,जो कि विज्ञान विषय था । दोनों बहुत खुश थे साथ -साथ एक दूसरे के सुख दुख में एक साथ रहने लगे । परीक्षा की तैयारी मिलकर करते, क्लास खत्म होने पर अपना होम वर्क करते तमाम एक्टिविटी जो कॉलेज में हुआ करती थी दोनो उसमे भाग लेते । सबसे बड़ी बात वे दोनों एक दूसरे की ताकत थे ,मोटिवेशन थे वे अपने रिश्ते और भविष्य दोनों के लिए सीरियस थे।
आजकल ऐसी दोस्ती और समझ कम ही देखने को मिलती है । कॉलेज खत्म होता है कॉलेज के अंतिम साल की पार्टी बहुत धूमधाम से मनाया जाता है । कुछ समय पश्चात् नैना और अमित सिटी के बड़े हॉस्पिटल में डॉक्टर के रूप में नियुक्त होते हैं । उन्होंने सोचा नहीं था कि जिंदगी इतनी खूबसूरत होगी ।
आगे चलकर दोनों के घरवालों की रजामंदी से नैना अमित की शादी हो जाती है । परिवार के लोग बहुत खुश होते हैं वहीं अमित नैना अपने गृहस्थी और कैरियर की तमाम चुनौतियों का एकसाथ सामना करते हुए जीवन व्यतीत करते हैं नैना हैरान थी उसने एकाएक अमित से कहा क्या तुम्हे लगता है कि हमारी मुलाकात फेसबुक से हुई थी और आज हम जीवनसाथी की भूमिका में हैं । और नैन ठहाके मारकर हंसने लगी , वाकई नैना के ये शब्द सुनकर अमित ऑनलाइन प्यार के शुरूआती चरण में खो जाता है।
कहते हैं दुनिया में हर चीज का साइड इफेक्ट है । वहीं हमारी समझ और सूझबूझ के तराजू से दुनिया की बड़ी सी बड़ी कठिनाई को पार किया जा सकता है । ऑनलाइन दौर को हम किस तरह प्रयोग में और अपनी आदतों में शामिल करते हैं यह हम पर निर्भर करता है । —————–

गायत्री शर्मा

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