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अच्छा आज 2 अक्टूबर है, बापू के भक्त हो

👹 *तिरिभिन्नाट एक्सप्रेस*👹
*अच्छा आप 2 अक्टूबर की छुट्टी वाले बापू हो..*
भिया राम🙏
भोत दिन बाद आया हूँ आज..पढ़ो तो आपकी मर्जी..बिना पढ़े लाइक मार दो तो आपकी मर्जी..
..तो भिया आज का टोपिक ये है के आज 2 अक्टूबर है..मतलब क्या है इसदिन..
“..इस दिन छुट्टी है.. *और क्या है..* ..अरे हाँ.. इस दिन ड्राई डे रेता है.. *और..?*..ओ तेरी..अपने राष्ट्रपति गांधी जी का बड्डे है..पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी जी था..ने जिन्ने अपने देश को आजादी दिलाई थी..”
*और बताओ* “बस भिया इत्ता ई याद था..के भोत सारे आंदोलन करे थे..शांति के पुजारी थे..अंग्रेज उनसे डरते थे..ने भिया बाकी याद नी है..स्कूल में था जब गांधी जी का निबंध मेरा सबसे फेवरेट था,क्योंकि मेरे को 10 नम्बर मिलते थे..पन अब ज्यादा याद नी है..वो तो 2 अक्टूबर की छुट्टी और ड्राई डे के चुटकुले होंन फारवर्ड करते हैं तो याद रे जाता है के बड्डे है..नी तो याद ई नी रे..”
आप बी दिल से बोलो..क्या ये सब जवाब आप-और मेरे जवाब से मेल नही खाते..?
..क्या अपने लिए भी ये दिन 1 हॉलिडे से ज्यादा कुछ है..?
..क्या बापू निबन्ध के किरदार या नोट पर छपे कैरेक्टर से ज्यादा कुछ है अपने लिए..?
..क्या महात्मा केवल हमारे लिए दूसरों को केवल ज्ञान देने मात्र का माध्यम नही बन गए..?
..और वो ज्ञान भी उनकी हंसी उड़ाने के साथ उड़ नही जाता..?
..ऑफिस-स्कूल वालों की छुट्टी का दिन और पियक्कड़ों के ड्राई डे का दिन बस..
..हममे से कितने (स्वयं मैं) लोग गांधी को अंतर्मन में रखते हैं..उनके आदर्शों पर चलते हैं..राष्ट्रपिता सब कहते पर उनको आत्मसात कितने लोग करते हैं..?
किसी ने लाख टके की बात कही थी.. *”गांधी होने में उम्र लगती है,गोडसे से तो एक पल में हुआ जा सकता है”*
..तो भिया भोत ज्ञान पेल लिया..अब नहा-धो लेना चिये..आज छुट्टी थी नी.. तो आपकी भाभीजी ने मस्त दाल-बाफले बनाये हैं.. खाके सोऊंगा मस्त..😀
जा रिया अब..
🇮🇳भारत माता की जय🇮🇳
🙏विकास शर्मा
दैनिक अमर-श्याम
www.tiribhinnatexpress.com
9827076006

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