नोएडा स्मार्ट सिटी: बिजली के तारों का मक्करजाल ।।

नोएडा समाज जागरण रमन झा

नोएडा भारत के स्मार्ट सिटी में शुमार है इसमे कोई दो राय नही है। लेेकिन इसका दूसरा पहलू भी है, जहाँ पर आंधी तूफान और बारिश आने भर के आशंका से बिजली कट कर दी जाती है। कारण क्या है यह तो बिजली विभाग वाले ही बेहतर तरीके से बता सकते है। लेकिन इतना जरूर है कि स्मार्ट सिटी में स्मार्ट बिजली के खंभे के अलावा उस पर लटकते तरह तरह के रंग बिरंगे तार शहर के खुबूरती में चार चांद लगा लगा दिया है। बिजली के मोटे और पतले तारों के अलावा भी कई नीले पीले हरे केवल के तार नेट के तार को देख मन हर्षित होने लगता है। कितना सुन्दर व्यवस्था है स्मार्ट सिटी नोएडा की। यह कहना गलत होगा कि ऐसा सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में है भारत के कई नये पूराने शहर में इससे भी ज्यादा है, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि वह स्मार्ट सिटी में शुमार नही है।

नोएडा शहर के वरिष्ठ नागरिक व अधिवक्ता श्री अनिल के गर्ग के द्वारा लिखे गए पत्र में नोएडा के बुनियाद ढांचा को लेकर कई सवाल उठाए गए है। उन्होनें कहा है कि हमारे स्मार्ट सिटी में बिजली और आंधी को देखकर बिजली काट दी जाती है और लोग घंटो अंधेरों मे रहने को मजबूर होते है। कारण हमारे बुनियादी ढांचे मजबूत नही है। प्राधिकरण को चाहिए कि ब्यूटीफिकेश पर सार्वजनिक धन को खर्च करने के बजाय लोगों के बुनियादी जरूरत पर धन खर्च करें। हम भी चाहतेे है कि नोएडा देश मे नंबर वन स्मार्ट सिटी बने, लेकिन क्या यह सब बुनियादी ढांचे में सुधार के बिना संभव है। नोएडा में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के बिना संभव है।

नोएडा के गाँव और सेक्टर में तारों के मक्करजाल के अलावा रोड पर भी यह मक्करजाल फैली हुई है। एक तरफ तो प्राधिकरण पेड़ों को पानी देती है दूसरी तरफ तारों के उलझने के कारण पेड़ों को ऊपर से तोड़ दिये जाते है। पेंड़ को लगाने और काटनें दोनों में सार्वजनिक धन खर्च किए जाते है। पेड़ों पर बिजली और नेट के केबल लटका दिए गए है। आंधी तुफान और बारिश में पेड़ के साथ-साथ बिजली, नेट और केवल के तारें सड़क पर गिर जाते है, जिसके कारण कभी भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। पूरे शहर में गलियों और बिजली के खंभो पर तारों की पूरी जाल फैला हुआ है, जो कि एक जोखिम भरा हुआ है। स्मार्ट सिटी नोएडा और उत्तर प्रदेश में साइकिलिंग के लिए करोड़ों खर्च करके ट्रेक बनाए थे जिस पर पूरी तरह से अतिक्रमण कर उस पर पार्किंग बना दिया गया है या फिर दुकान चलाए जा रहे है।

श्री गर्ग नें अपने पत्र में कहा है कि जिस प्रकार के नोएडा में बागवानी या फिर डेंटिंग पैंटिंग कर सार्वजनिक धन खर्च किए जा रहे है क्या उससे पहले हमें इन खंभो पर लटकते खतरों को कम करने कि कोशिश नही करनी चाहिए। क्या स्मार्ट सिटी मे अंडरग्राउण्ड केबल बिछाकर बिजली की सप्लाई संंभव है? अगर हाँ तो जल्दी से जल्दी हमें इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है, ताकि आंख दिखाने वाली बिजली आंधी से डर बती न गुल कर दे और लोगों को बारिश बंद होने या फिर आंधी तूफान के रुकने तक बिजली के लिए प्रतिक्षा न करनी पड़े। उम्मीद है कि प्रदेश सरकार और औद्योगिक विकास मंत्री उत्तर प्रदेश श्री नंदी, श्री ए. के शर्मा कैबिनेट मंत्री और डा. सोमेन्द्र तोमर राज्य मंत्री उर्जा और अतिरिक्त उर्जा स्त्रोत संज्ञान लेंगे।

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