नोएडा: बच्चों को दिन के हिसाब से भेष बनाकर भीख मंगवाए जाते है।

दैनिक समाज जागरण

नोएडा रेड लाइट पर भीख मांग रहे बच्चों को दिन और पर्व के हिसाब रंग बदल दिये जाते है। उनको मंगलवार के दिन हनुमानजी के तरफ बनाकर भीख मंगवाए जाते है तो शनिवार के दिन शनिदेव बनाकर। इसी प्रकार से दशहरा और नवरात्री में माँ काली दुर्गा दिये जाते है तो सोमवार को भगवान शिव। ये सब उन शहर में हो रहा है जो एक स्मार्ट सिटी है, और वहाँ कि पुलिस भिक्षावृति रोकने के लिए तरह तरह के कार्यक्रम एनजीओं के माध्यम से चलाती है। पुलिस केे नाक के नीचे भिखारियों के गैंग छोटे-छोटे बच्चो से भीख मंगवाते है।

नोएडा सेक्टर 49 थाना से सेक्टर 47 की रेडलाइट की दूसरी महज 500 मीटर की है लेकिन यहाँ पर नित्य ही बच्चे तथा बुढ़ों को भीख मांगते देखे जा सकते है। कई बार इस मासूम बच्चों को बचाने के चक्कर में ही दो गाड़ियों के बीच में भीड़ंत हो जाते है औऱ जान तक चली जाती है। कोर्ट कहती है भीख मांगने का अधिकार है, निश्चित तौर पर लेकिन इनका स्थान भी निर्धारित होना चाहिए।

नोएडा सेक्टर 18 अट्टा पीर से लेकर रजनीगंधा चौक तक छोटे-छाेटे बच्चे भीख मांगते मिल जाते है। वह भी हिन्दू देवी देवता के शक्ल धारण करके। लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि न तो यह किसी हिंदू संगठन के नजर इन पर पड़ते है नही नोएडा पुलिस की। सबसे बड़ी बात सैकड़ो संस्था जो बच्चों के भविष्य कों संवारने के नाम पर लाखों रूपये सरकार के डकार जाती है उनका नजर भी नही पड़ते है।

नोएडा में रेड लाइट से लेकर मंदिर के सीढियों तक, शहर के बड़े बड़े मार्केट तक इन प्रोफेशनल भिखारियों का कब्जा है। जरूरतमंद लोग मांगने से पहले भी 100 बार शर्माते है और मिलने के बाद भी। इसलिए ये लोग जरूरतमंद भिखारियों नही होते है। शहर में जितने भी दान की गाड़ी हो वह सभी झुग्गी बस्ती के बाहर ही खड़े होते है और नेता लोग गरीबी मिटाने की बाते करते है। फिर भी ये गरीबी का आलम शहर के रेड लाइट को कब्जा कर रखा है और दूसरे के जान पर बन पड़ते है।

Please follow and like us:
%d bloggers like this: