सुपरटेक के अवैध कंस्ट्रक्शन मामले में नोएडा अथॉरिटी की 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर

सुपरटेक ने ग्रीन बेल्ट के लिए आवंटित जमीन पर अतिक्रमण कर गैर कानूनी कंस्ट्रक्शन किया था

रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के नोएडा में 40 फ्लोर के दो टावर के गैर कानूनी कंसट्रक्शन  के मामले में नोएडा अथॉरिटी ने 26 पूर्व और मौजूदा अधिकारियों, कंपनी के चार डायरेक्टर्स और दो आर्किटेक्ट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले में तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
नोएडा अथॉरिटी के जिन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है उनमें से 20 रिटायर हो चुके हैं, चार नौकरी में हैं और दो की मृत्यु हो चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने गैर कानूनी तौर पर बनाए गए इन टावरों को ढहाने का आदेश दिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम ने एक रिपोर्ट में बताया है कि सुपरटेक ने 7,000 स्क्वेयर मीटर की ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण किया था जो लेआउट प्लान में शामिल थी। इसे लेकर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के खिलाफ एक विभागीय जांच चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने इस मामले में कहा था कि नोएडा में 40 फ्लोर के दो टावरों के कंस्ट्रक्शन के लिए नोएडा अथॉरिटी और सुपरटेक के बीच मिलीभगत थी। कोर्ट ने अपने फैसले में सेक्टर 93A में मौजूद इन टावरों को ढहाने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने कहा था कि इन टावरों के कंस्ट्रक्शन में न्यूनतम दूरी के नियम का उल्लंघन हुआ था और इसके लिए फ्लैट मालिकों से सहमति नहीं ली गई थी।

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड और एम आर शाह की बेंच ने इन टावरों को तीन महीने के अंदर ढहाने का आदेश दिया था।

ऐसी रिपोर्ट है कि नोएडा अथॉरिटी ने इन टावरों को ढहाने में मदद के लिए रुड़की के CBRI से संपर्क किया है और इंस्टीट्यूट से इस सप्ताह रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

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