निरंतरता ही है सफलता की असली कुंजी : अंजली तोमर

सचित्र–
“सच्चा प्रयास कभी व्यर्थ हो सकता नही, संसार भर का विघ्न भी उसको डुबो सकता नहीं”
-श्रम की ताकत हुई चरितार्थ
-निरंतरता ही है सफलता की असली कुंजी : अंजली तोमर

शशिकांत ओझा, ब्यूरो चीफ, दैनिक समाज जागरण

बलिया : एक कहावत है “सच्चा प्रयास कभी व्यर्थ हो सकता नहीं, संसार भर का विघ्न भी उसको डुबो सकता नहीं”। कहावत को एक बार चरितार्थ किया है प्राथमिक विद्यालय अलावलपुर शिक्षा क्षेत्र हनुमानगंज की सहायक अध्यापिका कु. अंजली तोमर ने।
एक ओर जहां बेसिक शिक्षा परिषद में अपने बच्चों का नामांकन करवाने में अभिभावक कतरा रहे है वहां की शिक्षा से विश्वास दरका हुआ है। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका ने बच्चों को नवाचारों के माध्यम से शिक्षित करने में लगी हुई और उसका लर्निंग आउटकम भी दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में मिट्टी की दिया बनाकर शिक्षिका के प्रयासों को अमलीजामा पहनाने में लगे हुए है। बच्चों ने जो दिया बनाये है उससे प्रतीत हो रहा है कि उनके साथ कितनी मेहनत की गई है। साथ इन नवाचारों से बच्चों और अभिभावकों के अंदर एक जुनून पैदा हो गया। जहाँ बच्चे प्रतिदिन विद्यालय आने से कतराते है वह अब आने को परेशान रहते है। विद्यालय का शैक्षिक वातावरण में एक नया परिवर्तन होने लगा है। प्रतिदिन विद्यालय में प्राथर्ना के समय पीटी अभ्यास और सामान्य ज्ञान की चर्चा के बाद शिक्षण कार्य में नवाचार का संप्रेषण बच्चों के अंदर एक नई उर्जा का संचार पैदा कर दिया है। इन कार्यों का परिणाम आने वाले दिनों में दिखाई देगा ऐसा प्रतीत हो रहा है । इस कार्य के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। अगर कोई बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसके अभिभावक से फोन के माध्यम से सम्पर्क कर उसे विद्यालय आने के बोलना, अगर फोन नहीं लगता तो स्वयं उसके घर जाकर उसे विद्यालय लाना और अभिभावकों को प्रेरित करना भी शिक्षिका के नियत कार्य में है। विभाग में नई नियुक्ति पर आयी शिक्षिका अंजली तोमर को विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रदीप यादव बहुत कुछ सिखा रहे हैं तो उससे बहुत कुछ सीख भी रहे हैं।

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