एन.जी.ओ. हमारा कर्तव्य ने 60 गरीब माताओं व बहनों को बांटे सैनिटेरी नेपकीन्स ।

कोरोना काल में सभी नागरिकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है विशेषकर दिहाड़ी या रोजाना कमाने वाले लोगों पर चाहे वह दिहाड़ी मजदूर हो या मिस्त्री या दूसरे इस तरह के कार्य करने वाले। सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब महिलाएं हुई है जिनके आमदनी का जरिया लगभग शून्य हो गया है। और परिवार के मुखिया का भी रोजगार पूर्ण रूप से नहीं चल है ऐसे में उनको अपना व्यक्तिगत ख़र्चे पूरे करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह सोच कर एन.जी.ओ. हमारा कर्त्तव्य के सदस्यों ने ऐसी 60 माताओं और बहनों के लिए जिनके परिवार की आय इस समय बहुत ही कम रह गयी है उनको मुफ़्त सेनिटेरी नैपकिन वितरित करने का आज आयोजन झुण्डपुरा सेक्टर 11 के सामुदायिक केन्द्र में आशा की महिला कार्यकर्ता के सहयोग से किया।

हमारा कर्तव्य की अध्यक्षा नीशू मिश्रा व महासचिव मनोज कटारिया ने बताया कि आमदनी में कमी होने पर या अज्ञानता के कारण हमारी गरीब व कम पढ़ी लिखी माताएं और बहने अक्सर पुराना गंदा कपड़ा पीरियड्स में इस्तेमाल कर लेती है जिससे उनमे यू टी आई जैसे संक्रमण फैल जाता और बाद में उसको नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है इससे महिला के परिजनों को समय और पैसे के साथ-साथ मुश्किलों का सामना करना पड़ जाता है। घर की माताओं को अपनी झिझक छोड़ कर बच्चियों को इसके विषय में जानकारी देने चाहिए। अब पीरियड के विषय मे स्कूलो में भी पढ़ाया जाता है और बच्चे को अपने परिवार के अन्य सदस्यों से भी इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए ताकि उनको किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति ना पैदा हो।
संस्था के कोषाध्यक्ष दिनेश पाण्डेय के साथ अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी विजय श्रीवास्तव, राहुल पांडे, राजीव कुमार, रानी, महक आदि ने नेपकिन वितरण में काफी योगदान दिया ।

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