नेत्र सर्जनों की कमी से मोतियाबिंद के मरीज परेशान



विशव नाथ त्रिपाठी
व्यूरो चीफ प्रतापगढ़

प्रतापगढ़ एक ऐसा जनपद है जहाँ के चिकित्सकों के ऊपर कोई कानून नही लागू होता और नही अधिकारी व सरकार अपने दायित्वों का निर्वहन ही यहाँ ठीक से करती हो | जिले के प्रत्येक ब्लाक मे सरकार द्वारा संचालित चिकित्सालय है लेकिन आप को अधिकाश ड्युटी पर नदारद मिलेगे | विशेषज्ञ व सर्जन तो मुख्यालय मे भी कम ही तैनात है | आखो के लिए थजिले भर मे मात्र चार सर्जन बताए जाते है जब कि मोतिया बिंद के सैकड़ो
मरीज प्रतिदिन आया करते है ऐसी दशा मे डाक्टरो की कमी के कारण न तो उनकी जाज हो पाती है और नही आपरेशन ही | मरीजो से मिली जानकारी के अनुसार जनपद के मुख्य सरकारी अस्पताल मे आपरेशन यंत्रो का भी अभाव बता कर मरीजों को वापिस कर दिया जा रहा है| परेशान मरीज मरता क्या न करता के अनुसार प्राइवेट अस्पताल मे जाने को मजबूर हो जाता है जहा उसे हजारो की चोट लगती है |
लगता है सरकारी डाक्टरो का बाहरी अस्पतालो मे सेटिंग है इस लिए जानबूझ कर मरीजो को हैरान किया जा है | एक मरीज ने तो यह भी बताया कि कुछ दलाल भी घूमते रहते है जो डाक्टरो से मिल कर सौदेबाजी के तहत आपरेशन की सुविधा दिलवा देते है |

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