नेताजी कभी उनके घर भी जाया करो , जिनकों घर नही मिले

समाज जागरण नोएडा

नेता जी मुझे आपके वादे पर भरोसा नही क्योंकि, वादा तेरा वादा , वादे में तेरे मारा गया, जनता मै सीधा-साधा वादा तेरा वादा। चुनाव की लहर और नेताजी के वादे दोनो साथ साथ चल रहे है। जितने तेजी से चुनाव के दिन नजदीक आ रहे है नेताजी उतने ज्यादा झूठा वादा करने में लगे हैै। शहर की सर्द हवाओं में भी नेताजी नंगे पाॅव जनता जनार्दन के लिए उपस्थित हो रहे है। सिर्फ 15 दिनों की तो बात है। लेकिन जनता भी इस बार कुछ अलग मूड में है। नेताजी से शपथ पत्र मांग रहे है। भरोसा नही रहा अब, क्योंकि राजनीतिक अब समाज सेवा नही, शुद्ध व्यवसाय है। समाज सेवा के लिए चुनाव प्रचार की आवश्यकता क्या है? 5 साल तक अगर समाज सेवा करते तो जनता तो स्वयं ही चुन लेते। लेकिन नेताजी तो प्राडक्ट की तरह है अपना प्रचार कर रहे है। इस कलर के टोपी वाले को चुनिये तो आपको स्कूटी मिलेगे। इस कलर वालोंं से 300 युनिट बिजली फ्रि औऱ इस वाले दलित मजदूर गरीबों का विकास किया जायेगा, यानि कि वह और भी गरीब होते जायेंगे। क्योंकि पहले वाले नेता तो पेंशन लेंगे ही नये नेता भी पूरा सुविधा के साथ-साथ अपना भरपूर विकास करेंगे। यह सब आम जनता के पैसे से।

नेता जी कभी उनके घर भी जाया करों, जिनकों 10 सालों से घर नही मिले है

नोएडा में चुनावी सरगर्मी तेज है, नेताजी घर घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे है। उनके कार्यकर्ता नेताजी के बारे में बड़े बड़े बखान कर रहे है। पार्टी के बारे में बखान कर रहे है। लेकिन पार्टी कार्यकर्ता और नेताजी उनके घर नही जा रहे है, जिनकों घर नही मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना की बात करते नही थक रहे है नेता लोग, लेकिन उसका क्या जिसने आज से 10 साल पहले बिल्डर को अपने मेहनत की कमाई दिया था, लेकिन आज तक उनको घर नही दिया गया। पिछले तीनों सरकारों नें उनके साथ धोखा किया है।

2002 से लेकर 2017 तक नोएडा ग्रेटर नोएडा में हुए भूमि आवंटन में 54 हजार करोड़ की घोटाले की बात सामने आयी तो माहौल थोड़ गर्म हुआ, लेकिन राजनीतिक में भ्रष्टाचार की महाठगबंधन के कारण उसको भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उम्मीद है कि आने वाले समय में कोई भी कार्यवाही नही होंगे। बीएसपी के सरकार में हुए घोटाले का सपा सरकार ने जानबुझकर जांच नही कराया। उसके बाद बीजेपी के 5 साल भी उस तरह से निकल गया। आखिरी समय में सीएजी रिपोर्ट आ तो गया लेकिन उस पर सरकार कोई कार्यवाही नही कर सकती क्योंकि आचार संहिता लागू है।

बीजेपी के 5 साल भी भ्रष्टाचार मुक्त के जुमले के साथ ही निकली। हालांकि कुछ माफिया पर योगी सरकार ने कार्यवाही जरूर किया है। लेकिन यह माफिया छोटी मछली की तरह है। किसके इशारे पर किए गए। हाथी बनाने से लेकर सैफई डांस तक जनता के लूट के पैसे बर्बाद होते रहे है। निश्चित तौर पर यह सब घर खरीदारों के पैसे ही थे। जिस नोएडा और ग्रेटर नोएडा को राजनीतिक पार्टियाँ अपने लिए अशुभ मानती है, उन नोएडा में हुए घोटालों से राजनीतिक पार्टियों ने मौज तो बहुत किए है।

योगी सरकार के कथनी और करनी

योगी सरकार ने टवीन टावर के मामले मे एसआईटी को जांच के आदेश दिए। एस आई टी नें एस सप्ताह में जांच करके भी दे दिया। लेकिन आज तक किसी पर भी कार्यवाही नही किए गए। एक बार लगा कि योगी के एक्शन में आने से राजनीतिक भ्रष्टाचार कुछ तो कम होंगे। लेकिन वह भी ढाक के तीन पात ही निकले। सुप्रिम कोर्ट नें टावर को गिराने के लिए तीन महीने का समय दिया था। लेकिन 6 महीने गुजर जाने के बाद भी उनका प्लान ही पास नही किया गया कि आखिर गिराये कैसे जायेंगे।

खैर यह टावर गिरे या नही न तो नेताओं को कोई फर्क पड़ता है और नही तो बिल्डर को। प्राधिकरण तो सबसे ज्यादा मजे में है। उसके कर्मठता पर तो कोई सवाल उठा नही सकता है क्योंकि माननीय न्यायालय उसको सर्टिफिकेट जो दे दिया है। उनका 600 घर खरीदारों या इन्वेस्टर्स का क्या जो इन में अपना पैसा लगा रखा है। उनके लिए कोई उम्मीद की किरण नही दिखते है। कुछ घर खरीदारों तो यह भी कह रहे है कि हमे नही लगता है कि हमारे इस जीवन में हमकों घर मिलेंगे। कुछ तो बेचारे स्वर्ग भी सीधार गए। घर खरीदारों को यह कहना है कि हमने सबसे बड़ी भूल किया कि हमने ग्रेटर नोएडा और नोएडा में अपने लिए सपनो का घर खरीदा।

अब घर के लिए सड़को पर संघर्ष कर रहे है घऱ खरीदार

दशकों गुजर जाने के बाद भी घर नही मिले है, तो घर खरीदार अब सड़को पर उतर आये है। उनका घर तो है नही तो नेताजी उनके घर चुनाव प्रचार करने कैसे जायेंगे ? इसलिए घर खरीदारों नें सोचा है कि अब सड़क पर ही उतरे। हालांकि दादरी विधान सभा से घर खरीदारों के तरफ से लगातार सघर्ष कर रहे अन्नु खान साहब भी चुनाव मैदान मे उतरे हुए है। कुछ घर खरीदार सड़क पर है कुछ चुनाव मैदान में। नेताजी से पूछ रहे है नेताजी वादा कब निभाओगे ? लोगों को घर नही मिले, जिनको मिले भी वो लोग भी सुविधा के लिए तरस रहे है। लोग अपने ही घर मे पराये बने हुए है, क्योंकि उनका रजिस्ट्री नही किया गया है। क्योकि प्राधिकरण को बिल्डर ने पैसा नही दिया लेकिन बिल्डिंग बनाकर बेच लिया और प्राधिकरण के आलसी अफसर देखते रह गए।

एक चुनाव जितने पर नेताजी को क्या मिलते है

सबसे पहले तो नेताजी विधायक या सांसद या जिस पद के लिए चुनाव लड़ रहे है वह बन जाते है। विधायक जी के एक महीने की वेतन 1.87 लाख प्रति महीने की है, इस हिसाब से 5 साल में 1.12 करोड़। इसके अलावा विधायक जी के पास में फंड आते है 6.38 करोड़ की अपने क्षेत्र की विकास कार्य पर खर्च करने के लिए जो विधायक जी क्षेत्र के विकास कम और अपने विकास पर ज्यादा खर्च करते है। इसके अलावा अगर नेताजी एक दिन के लिए भी विधायक बन गए तो 35-45 हजार तक पेशन मिलते है। हर साल के हिसाब से उसमें 3 हजार मासिक वृद्धि किए जाते है। इस हिसाब से लाखों रूपये मासिक पेशन लेते हैृ, बिना कुछ किए ही। जबकि देश में सारा काम तो आईएएस और आईपीएस करते है। है न शानदार जाॅब तो आप भी राजनीतिक में किस्मत आजमाईये। यही कारण है कि आईएस और आईपीएस भी नौकर छोड़कर राजनीतिक ज्वाईन कर रहे है। यही कारण है कि चुनाव के लिए टिकट 3-3 करोड़ के बिक रहे है।

खैर जरूरी है कि जनता नेताओं के वादा और दावा दोनों को शपथ पत्र में लिखवाए।

आज अगर कोई विधायक अपने पांच साल पूरे करता है तो उसे 10000 हजार रुपए मूल पेंशन दी जाती है। इसमें 5000 रुपए डीपी जोड़ा जाता है। 1500 रुपए प्रति वर्ष के हिसाब से इनसेंटिव दिया जाता है। यानी पांच वर्ष के 7500 रुपए हुए। मूल पेंशन पर 234 प्रतिशत महंगाई भत्ता जोड़ा जाएगा अर्थात 23400 रुपए महंगाई भत्ता हुआ। इस हिसाब से एक टर्म पूरा करने वाले विधायक की पेंशन 45,900 रुपए हो जाती।
विधायकों काे प्रतिमाह मिलने वाले वेतन एवं भत्ते
> 30,000 वेतन
>30,000 निर्वाचन क्षेत्र भत्ता
>10,000 ऑफिस भत्ता
>5000 सेंपचुरी भत्ता
>15000 टेलीफोन भत्ता
>5000 कंपनसेटरी भत्ता
>20,000 पीए का वेतन
>22 500 दैनिक भत्ता
(माह में 15 दिन,1500 रु. प्रतिदिन)
>2 लाख रुपए (एलटीसी, वार्षिक यानी 16666 प्रतिमाह)
>1, 54, 166 रुपए कुल।
कैप्टन अजय सिंह यादव 2,22,870
ओमप्रकाश चौटाला 28,335
प्रो़ संपत सिंह 21,067
पूर्व मंत्री चंद्रावती 28,335
बलबीर पाल 1,93,800
अशोक अरोड़ा 1,50,195
भागीराम 1,79,265
चंद्रमोहन बिश्नोई 1,41,312
धर्मबीर गाबा 1, 42,927
पूर्व मंत्री एसी चौधरी 1,21,125
नव चयनित आइएएस की सैलरी
बेसिक 23,640
डीए 113% 26,713
एचआरए 30% 7092
टीए 5280
कुल 62,725

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