नवादा पुलिस ने नष्ट की सवा एकड़ में लगी अफीम, नक्सल इलाकों में उगाई गई थी फसल ।

नवादा (धर्मजीत सिन्हा)नवादा में इस बार जमकर अफीम की खेती की जा रही है, हालांकि नक्सल प्रभावित क्षत्रों में अफीम की खेती होना कोई नई बात नहीं है क्योंकि जानकार बताते हैं कि अफीम की खेती नक्सलियों की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है. नक्सली दुर्गम क्षेत्रों में इसकी खेती कर कमाई करते है और उससे उनकी अर्थव्यवस्था चलती है. लेकिन इस बार अफीम की खेती कुछ ज्यादा ही हो रही है. माना जा रहा है कि बिहार में शराबबंदी के बाद अन्य मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ी है और अफीम भी उसी रैकेट का एक हिस्सा है।
जिले के कई इलाकों में पुलिस, अभियान ने चला कर अफीम की खेती को नष्ट कर रही है ।
पुलिस का दावा है कि इस दौरान करीब सवा एकड़ में लगी अफीम की खेती को नष्ट किया गया है।
उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के रजौली थाना क्षेत्र के हरदिया पंचायत स्थित नक्सल प्रभावित गांव परतौनिया केइलाकों में अफीम की खेती हो रही।
वहीं गुप्त सूचना के के बाद एक्शन में आई उत्पाद विभाग व पुलिस टीम के सहयोग से करीब सवा एकड़ में लगी अफीम की फसल को नष्ट की गई है।
वहीं अफीम की खेती करने वाले जमीन मालिक का पता लगाने हेतु सीओ एवं चौकीदार को निर्देशित किया गया है।
वहीं एनडीपीएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
हालांकि इस मामले में मौके से किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है.साथ ही जिनकी जमीन पर खेती की गई है उन किसानों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में पुलिस जुटी है।
हालांकि कई बार नक्सली जबरदस्ती किसानों की जमींन पर खेती करने लगते हैं। अफीम की खेती करना भी काफी महंगा होता है लेकिन अवैध कारोबार के जरिए फसल तैयार होने के बाद लागत से कई गुणा ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है।

Please follow and like us:
%d bloggers like this: