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स्वाभाविक राष्ट्र – भारत का गौरवशाली इतिहास

स्वाभाविक राष्ट्र – भारत का गौरवशाली इतिहास
इलियट ने हीनता के घोषित प्रयोजन से लिखा इतिहास
अपनी पुस्तक श्रृंखला हिस्ट्री ऑफ इंडिया मे प्रारंभ मे ही इलियट ने लिखा है कि सिंध पर मुस्लिम आपक्रमण एक तात्कालिक और अस्थाई घटना थी और कुछ ही समय बाद वहाँ पुन: हिंदू राजाओ का शासन स्थापित हो गया | उसने यह भी लिखा है कि 16वीं शताब्दी के अंत तक सिंध पूरी तरह स्वाधीन रहा और महमूद गजनी आदि के आने जाने का भी उस इलाके पर कोई असर नहीं हुआ , परंतु बाद के समय मे किन कारणों से किन लोगों के व्दारा किन आधारों पर हिंदू पर मुस्लिम विजय के गीत गाए जाने लगे और उसे अतिरंजित रूप से कोई भयंकर सफलता बताया जाने लगा, यह एक शोध का विषय है|
इलियट को तत्कालीन भारत के हिंदूओं और मुस्लिमानों दोनों से शिकायत है और उन्होंने साफ लिखा है कि ये लोग जो अपने भव्य महलो और शानदार इमारतों पर गर्व करते है, इस गर्व को चकानाचूर करना आवश्यक है और हम यह दिखाएंगे कि यह तो इन्होंने अपनी झूठी शान दिखाने के लिए बनवाए थे, ना किसी राजकीय सार्वजनिक उपयोग के लिए| वह अपने लोगों मे भारत की सुरक्षा को लेकर अपने समय और अपने प्रबंधन के प्रति कोई हीनता न पैदा हो हमको यह समझ मे आ जाए कि कई मामलों मे हम भारत से बेहतर है|
अभी भारत के लोगों मे मिथ्या घमण्ड है और इसे ध्वस्त करना हमारा प्रयोजन है जिससे कि हम यूरोपीय लोगों को अपने भविष्य के बारे मे कुछ आशा बंधे और हम भारत के समक्ष किसी हीनता का अनुभव न करें|
इस पुस्तक श्रृंखला के पहले ही खंड का प्रारंभ सुलेमान नामक एक सौदागर के व्दारा काफी दिनों बाद याद किए गए विवरणों से है|
लेखक ने बताया है कि यह जो सुलेमान नामक सौदागर है, वह 9वीं शताब्दी के उत्तरार्ध मे चीन और भारत कई बार घूमने गया था| वापस आकर उसने जो किस्से बताए, उन किस्सों के विषय मे जो कुछ इस समय तुर्की और फारस मे याद किया जाता है, उसे ही हम इतिहास के रूप मे यहाँ प्रस्तुत कर रहे है|
वे बताते हैं कि सुलेमान का कहना है कि इस संसार मे कुछ 4 बड़े राजाओं का शासन है, ऐसा भारत और चीन के लोगों का मानना है| उनमे से भारत के किसी एक राजकुमार या राजा को वह भारत का सबसे प्रमुख राजकुमार बताता है और उसका नाम बल्हार बताता है | परंतु साथ मे सुलेमान यह भी बताता है कि ऐसा तुर्की के लोग कहते हैं कि भारत का हर राज्य स्वयं मे स्वतंत्र है और स्वंय को ही सर्वोच्च मानता है और वे लोग निरंतर सैनिक अभ्यास करते रहते है| भारत के राजाओं के पास बहुत सारे घोड़े, हाथी और अकूत संपदा है|
सुलेमान ने कहा है कि भारत के राजाओ के व्दारा जारी सिक्कों से हम अरबियों का कहीं कोई संबंध नही है बल्कि स्वयं भारतय संबंधों का उल्लेख है और भारत के हिंदू राजा की औसत राज्य करने की अवधि 50 वर्ष है|
इलियट ने सुलेमान सौदागर को अपने इस खंड के इतिहास लेखन का प्रमाण बता कर प्रस्तुत किया है| वह सुलेमान स्वयं इलियट के अनुसार कहता है कि बल्हार एक राज्य की उपाधि हैं, जो पूरे राजवंश के लिए प्रयुत्त होती

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