अभिभावकों की समस्याओं तथा स्कूल खातों के ऑडिट कर बंद स्कूल की फीस निर्धारित करने को लेकर ज्ञापन

आज जीपीडब्ल्यूएस के पदाधिकारी स्कूल फीस में राहत नहीं मिलना, थोड़ी सी फीस के लिए बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा बाधित होना शासनादेशो का पूरी तरह से क्रियान्वित नहीं होना जैसी अभिभावकों की समस्याओं तथा स्कूल खातों के ऑडिट कर बंद स्कूल की फीस निर्धारित करना आदि के लिए मेरठ मंडल के आयुक्त श्री सुरेंद्र सिंह से मिलने गए परन्तु बागपत में मुख्यमंत्री श्री योगी के साथ व्यस्त होने के कारण उनके ऑफिस में ज्ञापन दिया ।

जीपीडब्ल्यूएस के संस्थापक मनोज कटारिया ने बताया कि शासनादेशो का पालन करवाने में जिला प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा हैं। अधिकतर स्कूलो ने कई महीनों से पूरी फीस में थोड़ी सी राशि कम होने पर भी काफी विद्यार्थियों की ऑनलाइन शिक्षा को बाधित कर दिया गया है तथा जिन सुविधा का लाभ विद्यार्थी नहीं ले रहे हैं उनका शुल्क नहीं लिया जाए के आदेश का उल्लंघन अपवाद स्वरूप कुछ स्कूल को छोड़कर सभी स्कूल कर रहे हैं । सबसे प्रमुख बात यह कि काफी स्कूलो ने अपने स्टाफ की छटनी की हुईं हैं और उनके वेतन में भी कटौती की गई है बंद स्कूल में कम खर्च होने के बाद भी स्कूल अभिभावकों से पूरी फीस ले रहे हैं ।
ऐसे में सरकार को स्कूलो के ऑडिट कर उनकी फीस स्कूलो के खर्चों के हिसाब से निर्धारित करनी चाहिए। जीपीडब्ल्यूएस के पदाधिकारी इन सभी समस्याओं को लेकर मेरठ मंडल के आयुक्त श्री सुरेंद्र सिंह जो संभागीय अपीलीय प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं से मिलने मेरठ गये किन्तु दुर्भाग्यवश मेरठ आयुक्त से मुलाकात नहीं हो पायी।

मेरठ जाने वाले पदाधिकारियों में संस्थापक मनोज कटारिया, अध्यक्ष कपिल शर्मा, उपाध्यक्ष योगेश भागौर, महासचिव पुनीश गुलाटी, कोषाध्यक्षा गीता विद्यार्थी, प्रदीप महेश्वरी, विजय श्रीवास्तव, मधु सिंह, विपुल नागर आदि थे।

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