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कोलकाता में मां की लाश के 👩‍💼 साथ कमरे में गुजारे 18 दिन, 21वें दिन था😳दफनाना

कोलकाता में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटा अपनी बुजुर्ग मां की मौत के बाद उसकी लाश के साथ घर में 18 दिनों तक बंद रहा। वह 21 दिन बाद अपनी मां को घर में ही दफनाना चाहता था, लेकिन उसके एक रिश्तेदार के वहां आ जाने से पूरा मामला खुल गया और पुलिस मौके पर जा पहुंची। घटना के पीछे अंधविश्वास की आशंका जताई जा रही है।

मामला कोलकाता के साल्ट लेक इलाके का है। जहां 38 वर्षीय मैत्रेय भट्टाचार्य अपनी बुजुर्ग मां कृष्णा के साथ रहता था। 77 वर्षीय कृष्णा एक रिटायर टीचर थी। सोमवार को एक शख्स ने पुलिस को कॉल करके बताया कि मैत्रेय की मां का देहांत हो चुका है, लेकिन उसने अपनी मां का शव घर में बंद कर रखा है। वो उसे 21 दिन पूरे होने पर दफनाना चाहता है।

सूचना मिलते ही बिधाननगर (उत्तर) थाना पुलिस मौके पर जा पहुंची। वहां पुलिस को बीडोन स्ट्रीट निवासी वो शख्स भी मिला, जिसने पुलिस को बुलाया था। जब पुलिस ने घर के अंदर एक कमरे में रखी अलमारी खोली तो पुलिसवालों के होश उड़ गए। अंदर एक महिला की सड़ी गली लाश पड़ी थी, जिससे दुर्गंध आ रही थी।

कमरे में मौजूद मैत्रेय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और शव को पंचनामे की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मैत्रेय ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां के शव को 21 दिन बाद घर में दफनाना चाहता था। ऐसा करना उसके लिए शुभ होता। इसी वजह से उसने अपने एक परिचित को बुलाया था, ताकि घर में कब्र खोदी जा सके।

लेकिन बीडोन स्ट्रीट निवासी उसी शख्स ने मैत्रेय की पूरी बात जानकर फौरन पुलिस को बुला लिया। अब पुलिस मैत्रेय से पूछताछ कर रही है, लेकिन वो अजीब तरह की बेतुकी बातें कर रहा है। पुलिस को साफ पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर बुजुर्ग महिला कृष्णा की मौत कैसे हुई।

पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. उसके बाद पुलिस किसी मनोचिकित्सक या डॉक्टरों से सलाह लेकर आगे की कार्रवाई को अंजाम देगी। बताते चलें कि पिछले 3 साल में कोलकाता में ऐसे तीन मामले सामने आ चुके हैं और अब यह चौथा मामला है।

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