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कश्मीरी छात्राओं और प्रिंसिपल इकराम की हिमाकत पर क्यों नहीं बोलते नसीरुद्दीन शाह, शाहरुख और आमिर जैसी मानसिकता के कलाकार।

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16 फरवरी को जब पुलवामा के शहीद जवानों के गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हो रहे थे और पूरे देश के हृदय विदारक दृश्य टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे थे, तब राजस्थान के जयपुर और प्रतापगढ़ जिले से दिल दुःखा देेने वाली घटनाएं सामने आई। जयपुर में निक्स काॅलेज में पढ़ने वाली पांच कश्मीरी छात्राओं ने पुलवामा हमले पर खुशी जताई और भारत विरोधी नारे लगाए। इसी प्रकार प्रतापगढ़ जिले के कुणी उमा स्कूल के प्रिंसिपल मोहम्मद इकराम अजमेरी ने स्कूल की प्रार्थना सभा में भारतीय सैनिकों को रेपिस्ट कहा। यह तो वो मामले हैं जो उजागर हो गए हैं ऐसे और मामले हुए होंगे, जिन्हें दबा दिया गया। कश्मीरी छात्राओं और स्कूल के प्रिंसिपल इकराम ने यह हिमाकत तब की, जब पूरा देश आतंकियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर रहा है। नसीरुद्दीन शाह, शाहरुख खान, आमिर खान जैसे फिल्मी कलाकार को भारत में डर लगता है। उन्हें लगता है कि मुसलमानों को अब खतरा है, इसलिए ऐसे कलाकार स्वयं को भारत में सुरक्षित नहीं समझते हैं। ऐसे कलाकारों को अब कश्मीरी छात्राओं और मोहम्मद इकराम की हिमाकत पर भी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। जब कश्मीरी छात्राएं और प्रिंसिपल इकराम ऐसे गमगीन माहौल में भी इतनी हिमाकत कर सकते हैं तब देश में रहने और बोलने की आजादी का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिन कश्मीरी छात्राओं और प्रिंसिपल ने जख्मों पर नमक छिड़का उन्हीें की सुरक्षा की जा रही है। भारत विरोधियों को पाकिस्तान भेजने की बात पर नसीरुद्दीन शाह, शाहरुख खान, आमिर खान जैसी सोच वालों को बहुत मिर्ची लगती है, लेकिन कोई बताए कि क्या ऐसी मानसिकता के लोग भारत में रहने लायक हैं? यदि डर का माहौल होता तो दिल दहला देने वाले पुलवामा के हमले के बाद कश्मीरी हिमाकत नहीं कर पाते। कश्मीरी छात्राओं को सिर्फ काॅलेज से सस्पेंड किया गया है। थोड़े दिन में यह कार्यवाही भी समाप्त हो जाएगी। प्रिंसिपल इकराम का निलंबन भी वापस हो जाएगा। असल में नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकार ही भारत का माहौल खराब कर रहे हैं। जिन लोगों की वजह से मालामाल हुए है उन्हीं से डर होने की बात करते हैं। असल में ऐसे लोगों को पता है कि भारत में उनका कुछ भी बिगड़ने वाला नहीं है। यहां ऐसे लोगों की भी भरमार है जो भारत विरोधी हैं। इसे अफसोसनाक ही कहा जाएगा कि अपने देश की बुराई करने के बाद भी ऐसे कलाकार लोकप्रिय बने हुए हैं। भारत में डर का माहौल बताने वालों को अब मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। इस बात को कहने में कोई गुरेज नहीं कि यदि भारत में डर लगता है तो फिर किसी सुरक्षित देश में चले जाएं। नसीरुद्दीन शाह, शाहरुख खान और आमिर खान जैसे कलाकारों को पाकिस्तान में ही अपनी जगह तलाशनी चाहिए।
एस.पी.मित्तल)

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