कलमी पेड़ की आड़ में आम के देशी पेड़ो पर चल रहा आरा

लहरपुर में शुद्ध पर्यावरण खत्म होने की कगार पर,कौन जिम्मेदार

ऑक्सीजन खत्म करने पर उतारू लक्डकट्टे,कलमी की आड़ में देशी कटिंग का खेल जारी

लहरपुर(सीतापुर)- जहाँ एक तरफ आक्सीजन की कमी से कोरोना काल मे ऑक्सीजन की वजह से लाखों संख्याओं में लोगों ने अपनी जान गवाई थी किंतु लहरपुर वन विभाग आंख बंद करवाकर फर्जी कलमी आम के पेड़ों की आड़ में देशी आम के पेड़ काटे जा रहे है।
आपको बताते चलें कि लहरपुर तहसील के ग्राम भेंनवा में सरकारी स्कूल से सटी बाग मे लक्डकट्टे खुलेआम हरियाली पर आरा चला रहे थे और पर्यावरण नष्ट करने में तनिक भी नही गुरेज कर रहे थे।जब इस सम्बंध में वन रेंजर अभय मल्ल से बात की गई तो उन्होंने बताया की सभी आम के कलमी पेड़ काटे जा रहे है जबकि गाव वालों ने बताया कि कट रहे पेड़ शुद्ध देशी पेड़ थे जिनको महज दिखावे में कलमी बना दिया गया।बिना टीपी जारी किए ट्रालियों पर कटे पेड़ लोड किये गए।जहाँ इसी संबंध में फॉरेस्टर गिरीश चंद्र से बात की गई उन्होंने भी कलमी ही बताया और कहा टीपी जारी की जा रही है तो सवाल यह उठता है कि बिना टीपी के ट्रालियों पर आम की कटी लकड़ी कैसे लोड हो गयी।
अब यह उच्चधिकारियों के द्वारा बड़ी ही जांच का विषय है कि पेड़ कलमी थे देशी थे। अगर इसी तरह लहरपुर क्षेत्र में बागों का अवैध कटान होता रहा तो वह दिन दूर नही कि जब प्रत्येक व्यक्ति को ऑक्सीजन सिलेण्डर ख़रीदकर स्वयं को जिंदा रखना पड़ेगा।

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