बाजार में मिलने वाली कोको चाकलेट “शाकहारी” या “मांसहारी” ?

बदलते जमाने में खान पीन भी फैशन कि तरह से बदलते जा रहे है। अक्सर जिसे हम लोग बड़े शौक से और शान समझकर खाते है, उसके बारे में हम कुछ जानते ही नही है। आजकल पर्व त्योहारों में भी अक्सर मिठाई की जगह चाॅकलेट ने ले लिया है। खासकर कोको चाॅकलेट, जो कि आजकल के युवा एवं बच्चों को बहुत पसंद है। लेकिन क्या आप जानते है कि कोको चाॅकलेट में पाये जाने वाले जिलेटिन और रेनेट कहाँ से प्राप्त किए जाते है। शायद आपको पता चल जाय तो जिंदगी में खाना तो दूर उसके तरफ देखेगे भी नही। यह मै नही कह रहा हूँ बल्कि कैडबरी मिल्क स्वयं इस बात की घोषणा करता है कि वह जो भी प्राडक्ट बनाता है जिसमें जिलेटिन का इस्तेमाल किया जाता है वह हलाल सर्टिफाईड होता है। आप जानते है हलाल का मतलब क्या होता है ? हलाल का मतलब है किसी जिंदा पशु या जीव का वध करना। कोको में डाले गए जिलेटिन और रेनेट किसी जीवित पशु को मारकर निकाला गया होता है।
तमाम सारी जानकारी से पता चलता है बाजार में मिलने वाली कोको चाकलेट (नेस्ले व कैडवरी) में जिलेटिन रेनेट डाला डाता है जिसे बछड़े के पेट से निकाला गया एन्जाईम से प्राप्त किया जाता है। कंपनी दुनिया भर में गौ- हत्या करवाती है ताकि जिलेटिन रेनेट प्राप्त किया जा सके। वो भी हलाल सर्टिफाईड होनी चाहिए। यानि कि मृत पशुओ से निकाला जाय तो नही चलेगा। https://www.hindlish.com में छपी एक रिसर्च को आपको एक बार जरूर पढ़ना चाहिए। शायद आपको अपने शाहकारी होने का मतलब समझ में आने लगेगा। क्या हमे ऐसे कंपनियों को प्राडक्ट को खरीदना चाहिए। इस पोस्ट मे लगे इमेज को जरा ध्यान से देखिये और उसे पढिये :
उसमें लिखा है- please note , if any our products contain geletine in the ingredients, the geletine we use is halal certified and derived from beef
कंपनी साफ शब्दों मे लिख रहा है कि अगर किसी भी प्राडक्ट में अगर जिलेटिन का इस्तेमाल किया जाता है तो उसे हलाल तरीके से वीफ से प्राप्त किया जाता है। यानि कि देश के 100 करोड़ हिंदुओं की कोई प्रवाह नही है इस कंपनी को लेकिन 20 करोड़ के लिए हलाल सर्टिफाईड होता है। क्योकि आप तो शौकिन औऱ लापरवाह है, इसलिए सबको अधिकार है कि आपके धार्मिक भावना से खेले। क्या कभी आप इस चाकलेट को खरीदते हुए देखते है या पूछते है कि इस प्राडक्ट में क्या क्या इस्तेमाल किया गया है। नही पूछते होंगे क्योंकि आपको अपने धर्म से कोई लेना देना नही है।
आप कंपनी के इस वेवसाईट पर जाकर देख सकते है https://www.cadbury.com.au/product/halal

https://www.hindlish.com/%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F-sentence-in-hindi बेवसाईट के इस रिसर्ट से आपके आंख खुल जायेगे।
[3] पशुओं से प्राप्त रेनेट भी एक प्रकिण्व ही होता है।
दूध के स्रोत वाले पशु की प्रत्येक प्रजातियों से, संबंधित रेनेट दूध की फीड की आंत से प्राप्त होता है.
दूध के स्रोत वाले पशु की प्रत्येक प्रजातियों से, संबंधित रेनेट दूध की फीड की आंत से प्राप्त होता है.
द्वारा निर्मित “ किटकेट ” नामक चाकलेट में कोमल बछड़ों के रेनेट (मांस) का उपयोग किया जाता है ।
लेबर पार्टी के शिविर के लिए गईं एक सांसद स्टाइन रेनेट हेहेइम को भी जान बचाने के लिए भागना पड़ा.
तो रेनेट को जोड़ने और पास्ता में कटौती करने के लिए कार्य करने के लिए आवश्यक समय की अनुमति के लिए क्यूबा में गुजरता है.
बर्गर किंग (युरोप, अमरीका) और हंगरी जैक आस्ट्रेलीया मे वेज बर्गर मीलता है लेकिन इसमे जिस चीज़ का प्रयोग होता है उसमे पशु रेनेट होता है।
नेस्ले यू के लिमिटेड की न्यूट्रिशन आफिसर श्रीमती वाल एंडरसन ने अपने एक पत्र में बताया कि-किटकेट के निर्माण में कोमल बछड़ों के रेनेट का उपयोग किया जाता है ।
जिलेटिन और पशु रेनेट (animal rennet) युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन से हटाने या स्पष्टतः मांसाहार के रूप में लिखे जाने का दवाब बनाना जैसे कार्य भी इसकी सूची में हैं।
नेस्ले यू. के. लिमिटेड की न्यूट्रिशन आफिसर श्रीमति वाल एन्डर्सन ने अपने एक पत्र में बताया किः ‘ किटकेट के निर्माण में कोमल बछड़ों के रेनेट का उपयोग किया जाता है।
इसका ताजा तथा सूखा फल औषधि के काम में आता है, किंतु सिंध, पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी सरहदी प्रांत, अफगानिस्तान तथा ब्लूचिस्तान में इसे रेनेट के स्थान पर दूध जमाने के काम में लाते हैं।
इसका ताजा तथा सूखा फल औषधि के काम में आता है, किंतु सिंध, पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी सरहदी प्रांत, अफगानिस्तान तथा ब्लूचिस्तान में इसे रेनेट के स्थान पर दूध जमाने के काम में लाते हैं।
दही और वनस् पति से बननेवाली माइकोबायल रेनेट का उपयोग न कर अधिक जायकेदार चीज बनाने के लिए गाय के बछडे के पेट में रेनेट नामक पदार्थ को प्राप् त करने के लिए नवजात बछडों का वध कर दिया जाता है ।
दही और वनस् पति से बननेवाली माइकोबायल रेनेट का उपयोग न कर अधिक जायकेदार चीज बनाने के लिए गाय के बछडे के पेट में रेनेट नामक पदार्थ को प्राप् त करने के लिए नवजात बछडों का वध कर दिया जाता है ।
गुजरात के समाचार पत्र ‘ गुजरात समाचार ‘ में प्रकाशित एक समाचार के अनुसार, ‘ नेस्ले यू. के. लिमिटेड ‘ द्वारा निर्मित ‘ किटकेट ‘ नामक चाकलेट में कोमल बछड़ों के ‘ रेनेट ‘ (मांस) का उपयोग किया जाता है।
क्या आप जानते है? चाकलेट में काफ रेनेट (बछड़े के मांस का रस मिला होता है) पिछले कुछ समय से टाफियों तथा चाकलेटों का निर्माण करने वाली अनेक कंपनियों द्वारा अपने उत्पादों में आपत्ति जनक अखाद्य पदार्थ मिलाये जाने की खबरें सामने आ रही हैं ।
कट्टर शाकाहारी ऐसे उत्पादों का त्याग करते हैं, जिन्हें बनाने में प्राणी सामग्री का इस्तेमाल होता है, या जिनके उत्पादन में प्राणी उत्पादों का उपयोग होता हो, भले ही उनके लेबल में उनका उल्लेख न हो; उदाहरण के लिए चीज में प्राणी रेनेट (पशु के पेट की परत से बनी एंजाइम), जिलेटिन (पशु चर्म, अस्थि और संयोजक तंतु से) का उपयोग होता है.
एक कट्टर शाकाहारी ऐसे उत्पादों का प्रयोग नहीं करते हैं, जिन्हें बनाने में प्राणी सामग्री का इस्तेमाल होता है, या जिनके उत्पादन में प्राणी उत्पादों का उपयोग होता हो, भले ही उनके लेबल में उनका उल्लेख न हो ; उदाहरण के लिए चीज में प्राणी रेनेट (पशु के पेट की परत से बनी एंजाइम), जिलेटिन (पशु चर्म, अस्थि और संयोजक तंतु से) का उपयोग होता है।

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