हिंदू संगठनो नें थाना सेक्टर20 पर किया जमकर पाकिस्तान मुर्दाबाद की नारेबाजी

नोएडा समाज जागरण 20 अक्टुबर 2021

नोएडा सेक्टर 8 में वारावफात के जुलुस में पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगने के बाद हिंदू संगठनों नें सक्रियता दिखाते हुए थाना सेक्टर20 पर किया जमकर नारेबाजी। पुलिस नें मांगे 3 घंटे की समय, विडियों की हो रही है जांच, जल्द की जायेगी कार्यवाही नोएडा पुलिस थाना सेक्टर 20 का आश्वासन। आश्वासन के बाद शांत हुए हिंदू संगठन के लोग। नारेबाजी में शहीद भगत सिंह सेना, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों नें अपना विरोध दर्ज करवाया है और पुलिस से देशद्रोहियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके अलावा उन पुलिसवालों के जबाबदेही भी तय करने की मांग की गयी है जिसके उपस्थिति में देश विरोधी नारे लगाए गये।

नोएडा सेक्टर 8 में कल यानि की मंगलवार को वारावफात का जुलुस निकाला गया। लेकिन कुछ उन्मादी तत्वों के द्वारा जुलुस के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये गये। जुलुस के समय पर पुलिस भी वहाँ पर मौजूद थी ऐसा बताया जा रहा है लेकिन किसी प्रकार से कोई कार्यवाही नही की गयी। जुलुस में लगे देश विरोधी नारे की विडियों देखते ही देखते सोशल मिडिया पर वायरल होने लगा। जिसके बाद हिंदू संगठनों के कान खड़े हो गये। लाजमी है कि नोएडा जो कि देश के राजधानी दिल्ली से सटे और उत्तर प्रदेश के आर्थिक राजधानी है। जहाँ पर पुलिस हमेशा चौकस रहती है। नोएडा अब पुलिस कमीशनरेट है और अब पुलिस पहले से ज्यादा शक्ति के साथ मौजूद है। लेकिन नोएडा थाना सेक्टर 20 से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर इस तक के देश विरोधी नारे लगते है और पुलिस कोई एक्शन नही लेती है। हालांकि नोएडा की यह थाना क्षेत्र तेज तर्रार आफिसर रजनीश वर्मा के क्षेत्र में पड़ते है, इसके बावजूद पुलिस का एक्शन नही होना या फिर इतनी देर लगाना एक सवालिया निशान अवश्य लगाता है।

कार्यवाही नही होने पर हिंदू संगठन के लोग थाना पहुँचकर जमकर हंगामा किया जिसके बाद पुलिस नें मामले की जांच होने की बात कहकर लोगों को शांत कराया। हिंदू संगठनों नें लिखित में शिकायत देकर पुलिस से मांग की है , इन देशद्रोहियों या इसमें शामिल लोगों पर सख्त से सख्त कार्यवाही हो। विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष नोएडा महानगर लालमणि पाण्डेय उन पुलिस वालों पर भी सख्त से सख्त कार्यवाही करने की मांग की है जिनके उपस्थिति में इस प्रकार के देश विरोधी नारे लगाये गये लेकिन तात्कालिक कोई कार्यवाही नही की गयी। उन पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग किया है ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृति न हो। हिंदू संगठन के लोगों नें कहा है कि यह नारा जानबुझकर हिंदू घरों के सामने हिंदुओं को डराने के लिए लगाये गये है। यह एक सोची समझी साजिश है।

वारावफात में नारेबाजी को लेकर भले ही बीजेपी कार्यकर्ताओं में रोष रहा हो, लेकिन कोई बड़े नेता का ब्यान नही आया है। हिंदू संगठनों के लोगों नें भले ही थाने पहुँचकर नारेबाजी की है लेकिन राजनीतिक गलियारों में तो सांप ही सुंघ गया है। सपा बसपा और कांग्रेस से तो उम्मीद की ही नही जा सकती है लेकिन बीजेपी के नेता भी खामोश रहने में ही अपना स्वार्थ देख रहे है। सवाल उठता है की क्या यह देश, यह राष्ट्र, राष्ट्र की संप्रभूता और अखंडता सिर्फ कुछ हिंदू संगठनों के लिए महत्व रखता है।

चुनाव में तिरंगा लेकर घुमने वाले, और लाउडस्पीकर लगाकर देशभक्ति के गाना बजाने वाले ऐसे मौके पर चुप क्यों हो जाते है। क्या यह देश उनका नही है। क्या इस देश में राष्ट्रवाद का ठेका सिर्फ बीजेपी के पास है ? अगर नही तो कहाँ है वह परिवारवादी पार्टी, जातिवादी पार्टी, भाषावादी पार्टी, आखिर उनको ऐसे मौके पर सांप क्यों सुंघ जाते है ? बात सेक्यूलरिज्म की हो तो मान भी ले, लेकिन यहाँ तो बात राष्ट्र विरोध की है। क्या इन पार्टी को राष्ट्र से कोई लेना देना नही है ? क्या उनकी चुप्पी देश विरोधियों के लिए सहमति नही लगता है ? जातियों के बीच में दरार डालकर वोट बैंक हासिल करने वाले राजनीतिक पार्टी के यह चेहरा तो देखने लायक है। आखिर क्यों ? आखिर देश के विरोधियों के साथ उनकी सहमति है ? जब सारे ठेका बीजेपी और हिंदू संगठनों पर है तो इनको परिवादी पार्टियों को वोट मांगने और राज्य करने के लिए कौन सी संविधान है ? जब देश नही रहेगा तो संविधान कहाँ रहेगा?
क्या एक पार्टी के विरोध में हम लोग इतने अंधे हो गये है कि देश विरोधी नारे में भी हमे अपना हित लगने लगा है।

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