साईकिल वाले मोटरसाईकिल पर बिना हेलमेट रैली, कहते है पेट्रोल महंगा है

दैनिक समाज जागरण

न फेस पर है मास्क न सर पर हेलमेट, बता तो जनता से सपाई आ रहे है। राजनेता और राजनीतिक का विचित्र प्रदर्शन ने कानून को रखैल बनाने के साथ-सात सड़क सुरक्षा का भी बड़ा मजाक उठाने वाली यह विडियों पर सरकार की चुप्पी से तो यही लगता है कि नेताओ में गठबंधन नही भ्रष्टाचार पर महाठगबंधन है, जो कि जनता को नही दिखते है।
यह कहावत तो आपने सुनी होगी : तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर, बोलों कितने तीतर।

कहते है महंगाई बहुत बढ़ गई है, लेकिन यकीन कैसे करे ? जब साईकिल वाले मोटरसाईकिल पर चलने लगे तो लगता नही है कि पेट्रोल महंगा हो गया है। वो भी सैकड़ो समर्थकों के साथ बिना हेलमेट के। जनता को ध्यान खिचना ही है तो मोटरसाइकिल को 5-10 किलोमीटर धक्का मारते हुए ले जाते, तब तो जनता को कुछ समझ भी पाटी। लेकिन मोटरसाईकिल पर चढ़के सैकड़ों समर्थकों के साथ रोड शो होता है और कहते है कि तेल महंगा हो गया है। तेल महंगा होता तो पार्टियों को चमचे नही मिलते। क्योंकि चमचो का काम तेल लगाना ही होता है। नोटबंदी के बाद जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश में ई-रिक्शा पर प्रचार अभियान किया गया था जनता के ध्यान काफी खिचा। भले ही 2017 मे बीजेपी वाले प्रचंड बहुमत से जीत हासिल किया हो, लेकिन पार्टियों के दरिद्रता देखने को जरूर मिला था। लेकिन धीर-धीरे फिर से देश में चुनाव प्रचार में सैकड़ों के संख्या में गाड़ियाँ उतरने लगी है और कहते है तेल बहुत महंगा हो गया है।

कानून का क्या कानून तो नेताओं के रखैल है। मोटरसाइकिल पर आजकल कोई लिफ्ट नही दे रहा है कारण है लूट-पाट। दूसरा कारण है चालान, सेल्फि वाले हवलदार जी सड़क के किनारे खड़े होकर यह देखते रहते है कि कोई शरीफ सा मोटरसाइकिल वाले दिखे तो उसका फोटो क्लिक किया जाय। धोखे से कई बार बदमाशों के फोटो भी क्लिक हो जाते है। लेकिन राजनीतिक पार्टियाँ इतनी बड़ी रैली मोटरसाइकिल पर बैठकर करते है, वह भी बिना हेलमेट के ना आगे हेलमेट और न पीछे हेलमेट। सोशल मिडिया के जमाने में फोटो विडियों की भरमार नही है। पार्टी लोग अपना विडियों स्वयं ही टवीटर पर डालते है। लेकिन क्या मजाल है कि इन पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यावाही हो जाय। क्योंकि आज तुम हो कल हम भी थे, हो सकता है कि कल फिर हम हो। फिर क्या करोगे। इसी समझौता में सरकारे इन पर कोई कार्यवाही नही करते है।
खैर तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर, बोलों कितने तीतर, खैर आप गाड़ी चलाते हुए हेलमेट का प्रयोग अवश्य कीजिए।

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