सुन सुना कुछ हुआ क्या ? अभी तो नही, कुछ भी नही , चेहरे से टपका भ्रष्ट्राचार जा पहुँचा है कोर्ट में

आजकल नोएडा प्राधिकरण में कुछ ऐसा ही चल रहा है। जब से माननीय उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि नोएडा प्राधिकरण एक भ्रष्ट निकाय है। इसके तो आंख नाक कान से ही नही अपितु चेहरे से भी भ्रष्ट्राचार टपकता है। जबसे कुछ लोग तो कुछ ऐसे ही धुन गुनगुना रहे है। “आंखों मे नींदे न दिल में करार ‘भ्रष्ट्राचार’ भी क्या चीज होता है यार, कभी बेखूदी तो कभी इंतजार, न जाने इस बार क्या करेगी सरकार?
आपस में चल रहे गहमागहमी का माहौल है और हर तरफ कुछ ऐसा ही है, सुन सुना कुछ हुआ क्या ? अभी तो नही कुछ भी नही ।
ऐसे प्रदेश के योगी सरकार नें इस मामले संज्ञान ले लिया है, जल्द ही ताजपोशी की जा सकती है। लेकिन उससे पहले योगी सरकार पूछ रही है, लंबा लंबा घुंघट काहे को डाला, क्या कर आयी तुने नोएडा में घोटाला।
खैर विपक्ष को बधाई हो योगी सरकार नें सिर्फ एमराल्ड कोर्ट के मामले में ही संज्ञान लिया है। आप लोग चुनाव लड़ सकते है। लेकिन ध्यान रहे कुछ ज्यादा नही होनी चाहिए ताकि बीजेपे के माहौल बिगड़े, अन्यथा बाबा जी के हाथ खुले है और उनके हाथ में सीएजी के आडिट रिपोर्ट भी है, जो कि 2002 से लेकर 2017 तक में हुए जमीन घोटालों को लेकर है। फिल्म की टेलर देखकर लगा था कि फिल्म में भरपुर एक्शन है लेकिन आप लोग अगर चुप रहेंगे तो इसको आपसी राजनीतिक सौहार्द के तरीके से पेश किया जा सकता है। स्क्रिप्ट भी बदला जा सकता है। बहन जी तो पहले ही समझ चुकी है, बस बबुआ को समझना बाकी है। उम्मीद है कि बबुआ भी समझ ही जायेंगे।

खैर योगी सरकार के द्वारा सिर्फ एमराल्ड कोर्ट पर संज्ञान लेने से नोएडा निकाय की छवि साफ तो नही होगी। क्योंकि मामला सिर्फ नोएडा एमराल्ड की नही है मामला नोएडा के तीनो प्राधिकरण को लेकर है। जिस पर माननीय कोर्ट नें टिप्पणी की है। माननीय न्यायलय ने नोएडा को भ्रष्ट कहा है न कि सिर्फ एमराल्ड को। हो सकता है कि एमराल्ड सही बना हो और सुपरटेक के पास उसका नक्शा भी हो। जिसका सांठगांठ ऊपर तक हो वह इतना छोटा मोटा काम थोड़े ही करेगा। अधिकारियों के साथ बैठकर कन्कलेव करता है, जिसने प्राधिकरण के जमीन के पैसे दिये बगैर ही फ्लैट बना लिए हो उसको आप क्या समझते है।
नोएडा प्राधिकरण की मेहरबानी है कि आज तक लाखों घर खरीदार पैसे देने के बाद भी घर के लिए भटक रहे है। बिल्डर नें तो प्राधिकरण को पैसे भी नही दिया और लाखों घर खरीदार से पैसे लेकर निकल भी लिया। बिल्डर को एक्सट्रा एफएआर दिया गया, जिसकी जानकारी आज तक रेवेन्यू विभाग को नही दिया गया है। आखिर प्राधिकरण के प्लानिंग और फाईनेंस वाले इतने मेहरबान क्यों है बिल्डर पर।
आखिर स्पोर्टस सिटी का क्या मामला है। कमर्शियल विभाग के द्वारा इतने सस्ते दामो पर जमीन क्यों दिया गया ? स्सोर्टस सुविधा विकसित करने के लिए 400 करोड़ खर्चे करने की बात थी। लेकिन बिल्डर नें रिहायशी तो बनाकर बेच दिया और स्पोर्टस सिटी डेवलपमेंट के नाम पर जमीन को खाली छोड़ दिया। ये निगरानी करना किसकी जिम्मेदारी थी। वो कौन लोग थे जो इतने बड़े स्पोर्टस सिटी को बनते नही देखा। कभी मोरनिंग वाक करने ही पहुँच जाते सेक्टक 78 और 79 में कितना भव्य स्पोर्टस सिटी बनाया गया है। भ्रष्ट्राचार के इससे बढ़िया नमुना क्या हो सकता है। घर बनाकर बेच लो बांकी छोड़ के भाग जाओ। अब घर खरीदार परेशान है जिन्होंने 3-3 करोड़ के विल्ला खरीदे हुए है। जब प्राधिकरण को बिल्डर पैसा नही देगा तब तक रजिस्ट्री हो नही सकता है।
लेकिन छोड़िये इतना सवाल क्यों करना है क्योंकि हर सवाल का जबाब तो नही मिल सकता, हर भ्रष्ट्राचार का हिसाब नही मिल सकता, सवाल पूछना भी नही चाहिए। क्योंकि आप सवाल पूछेंगे तो कुछ लोगों के नींद खराब हो सकता है। अब नोएडा के विधायक जी को ही ले लिजिये कह रहे है योगी जी के समय का मामला नही है नोएडा प्राधिकरण तो पहले से ही भ्रष्ट है। विधायक जी जनता इसिलिए को आपको वोट दिया था। वरना परिवार वादी पार्टी के जनता को क्या दिक्कत थी। बहुजनवादी भी ठीक ही थी। आखिर चार साल में अगर आप भ्रष्ट्राचार पर रोक नही लगा पाये है, ऐसे अफसरों पर कार्यवाही नही करवा पाये है तो जनता को एक बार फिर से सोचना चाहिए कि आपको कुर्सी से हटा दे। ज्यादा शराफत राजनीति में काम थोड़े ही आते है विधायक जी।
नोएडा के सर्किल आफिसर को ही ले लिजिए। कैसे रेहड़ी पटरी माफिया के साथ मिलकर गलबहियाँ किये जा रहा है। सुना है वह माफिया पहले जेल में रहा है और अब बीजेपी के संरक्षण में है। खैर सुधरने का मौका तो सबको मिलना चाहिए न। नोएडा सेक्टर 18 को ले लिजिए किस प्रकार से सावित्री मार्केट में रेहड़ी पटरी माफिया का बोल-बाला है। अब ये मत कहियेगा कि यह भी पिछली सरकार में था। ये बात तो सब जानते है और सबको पता है। आपके सरकार नें आखिर किया क्या है ? क्या मोदी जी और योगी जी से उम्मीद करे कि प्रदेश भ्रष्टाचार मुक्त होगा और नोएडा पर लगे दाग को एरियल से धो दिया जायेगा। नोएडा में बड़े भूमि घोटाले को लेकर किये गए सीएजी रिपोर्ट जनता के सामने लाया जायेगा, जैसा कि मौलिक भारत वालों नें भारत के राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर कहा है। चिट्ठी भी 300 पेज की। लिखने मे एक महीने लगा होगा और पढ़ने में भी लेकिन सिर्फ एक घंटे के प्रेस कांफ्रेस में सबकुछ बता दिया। खैर सवाल तो यह भी उठता है कि 20-25 मकान गरीब उद्योगिक मजदूर के लिए बनाने की बात माननीय हाईकोर्ट के डायरेक्शन में मास्टर प्लान में डाला गया था वो मकान बना कि नही।
हम फिर मिलेंगे आपसे ऐसे ही कुछ सवालों के साथ जिसका जबाब नही मिल सकता है। अगर जबाब मिल जाये तो विडियों के नीचे कमेंट बाक्स में कमेंट करके बता दीजियेगा. मै जीवन भर आपका शुक्रगुजार रहूँगा। आपका दोस्त रमन कुमार झा वतन की आवाज (समाज जागरण)
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