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मैं आजकल देख रहा हूँ कि लोगों में गुरु गोरखनाथ का प्रकट दिवस मनाने को लेके काफ़ी चर्चा हो रही है कि आखिर प्रकट दिवस कब है…!!!

🙏 ॐ नमो सादर आदेश 🙏

जिस दिन शिव का गोरक्षनाथ रूप में प्राकटय हुआ, उसको *गोरक्षनाथ अवतार कथा* ग्रन्थ के श्लोक में इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है-

वैशाखी-शिव-पूर्णिमा-तिथिवरे वारे शिवे मंगले ।
लोकानुग्रह-विग्रह: शिवगुरुर्गोरक्षनाथो भवत ।।

🚩यह वैशाख पूर्णिमा किस युग, कल्प, काल, वर्ष की है, यह अज्ञात है.. किसी भाई के पास गुरु गोरखनाथ जयंती/प्रकट उत्सव बसंत पंचमी को मनाये जाने का भी कोई साक्ष्य हो तो जरुर बताना…क्योंकि, आजकल हरियाणा के लोगों में इसकी खूब चर्चा हो रही है…

👉फिर भी कुछ लोग एक बार फिर जोगी समाज को गुरु गोरखनाथ का प्रकट दिवस के बहाने गुमराह कर रहे हैं… मैं यहाँ यह भी स्पष्ट कर दूँ कि वे वैसे तो इस प्रोग्राम को जोगी समाज का प्रोग्राम बता रहे हैं, पर बुला अन्य घुमन्तु जातियों को भी रहे हैं.. फिर वे इसे जोगी समाज का प्रोग्राम क्यों कह रहे हैं…? दूसरी बात, उन्होंने जोगी समाज के प्रोग्राम में अन्य घुमन्तु जातियों को भी क्यों बुलाया..? अगर ये सर्वजातीय प्रोग्राम है तो इसमें बाल्मिकी, जाट, जाटव, अहीर, यादव, कुम्हार, सैनी, सुनार, ब्राह्मण और वैश्य आदि जातियों को क्यों नहीं बुलाया… सोचिये.. और गौर कीजिये कि कहीं ये DNT संगठन का प्रोग्राम तो नहीं है…

भाईयों, शायद उनको पता नहीं है कि अभी हरियाणा का जोगी समाज 2017 की फतेहाबाद रैली को भी नहीं भूला है… कि उन्हें क्या कहके फतेहाबाद की रैली में भीड़ दिखाने के लिए बुलाया गया था… हम सब समाज के नाम पे वहां गये भी… अब आप देखो कि आपको क्या करना है… हम बोलेंगे तो ये लोग वही रटा रटाया जवाब देंगे कि समाज तोड़ रहे हैं…

आजकल के माहौल की बात लो, कोई उनसे पूछे कि हिसार के प्रोग्राम की सुचना और मुख्य अतिथि के तौर उपस्थित होने का न्योता आप लोगों को योगीराज जय भगवान धनखड़ ने चार महीने पहले दिया था के नहीं…? तब उन्होंने क्यों नहीं कहा कि हम भी एक प्रोग्राम उसी तारीख का रख रहे है… और तो और उन्होंने तो योगीराज से अबतक इस विषय में कोई बात नहीं की है.. फिर कैसे योगीराज समाज को तोड़ रहा है… भाईयों, सोचो.. समझो.. इस विषय पर खुल के बात चित करो और फिर आपको जो सही लगे वो फैसला लो…

ये तो हम सब जानते हैं कि कोई पहली बार हमें धोखा देता है तो, ये हमारी गलती नहीं मानी जाती है… लेकिन हम अगर उसी इंसान की बातों से फिर दुबारा धोखा खाते हो तो फिर ये गलती हमारी ही होगी… कि सब कुछ जानते हुए भी हमने उस पर दुबारा विश्वास किया…

आपको स्पष्ट कर दूँ कि प्रकट दिवस का मतलब होता है कि उस दिन उस दिव्य शक्ति का पहली बार उस देह रूप में प्रकट होना… आपके हिसाब से कुछ और मतलब हो तो वो बताएं…

अब दूसरी बात, आप विलास नाथ जी के लिखे पर क्या कहना चाहेंगे… क्या उन्होंने और उन जैसे कितने ही बुद्दिजीवियों ने वैशाख पूर्णिमा को ‘गुरु गौरख नाथ प्रकट दिवस’ ऐसे ही लिख दिया था.. जरा सोचिये…

रही बात प्रकट दिवस बसंत पंचमी को मनाने की, तो उसका जवाब मनाने वाले जाने… उन्होंने गुरु गोरखनाथ का प्रकट दिवस बसंत पंचमी के दिन को ही क्या सोच के चुना, ये भी वे आप उनसे पूछे.. हमसे नहीं.. क्योंकि हिसार में तो, समस्त जोगी समाज का राष्ट्र स्तरीय महासम्मेलन हो रहा है.. बाक़ी रही बात आस्था की तो.. हम भी जानते हैं कि भगवान कभी भी, कहीं भी व किसी समय भी प्रकट हो सकते हैं… बस उसके लिए हमें धु्रव जी जैसी भक्ति करनी पड़ेगी…

दूसरी बात गुरु गौरख नाथ प्रकट दिवस पर हमें सरकारी छुट्टी भी चाहिए.. पर, हर दिन प्रकट दिवस मनाएंगे तो सरकारी छुट्टी की मांग करना क्या उचित होगा…

आप से हाथ जोडकर निवेदन है कि प्लीज उपरोक्त विषय पर सार्थक टिप्पणी ही व्यक्त करें…

एक ओर बात, जैसे कि आप सब जानते हैं कि कुछ लोग लगातार प्रचार कर रहें हैं कि दो दो मुख्यमंत्री आयेंगे… आप बताएं की उनकी ये बात फिर झूठी निकली तो…. ओर आये भी तो जोगी समाज ऐसा क्या देकर जायेंगे… ये भी क्लियर होना चाहिए…

💐 सोचिये, विचार करिए कि आपको कहाँ जाना चाहिए..🤔

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