गौनाहा का लाल हुआ सीमा पर शहीद ।

शाहिद दीवाकर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सांसद, विधायक, राज्यसभा सदस्य, जीप अध्यक्ष व अन्य प्रतिनिधि गण

दीवाकर को आर्मी के जवानों ने श्मशान घाट पर दी अंतिम विदाई ।

(अजमेर आलम संवाददाता)

गौनाहा संवाददाता ।।

जम्मू में शहीद हुए आर्मी के जवान दीवाकर महतो का शव रविवार की सुबह उसके पैतृक गांव महुई पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। परिवार वालो का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। पत्नी फूलकुमारी देवी दहाड़ मार-मार कर रो रही थी। आर्मी के जवानों द्वारा द्वादह नदी के किनारे राजकीय सम्मान के साथ शव को अंतिम सलामी दी गयी। मृतक के पिता शंकर महतो ने सबसे छोटे पुत्र आर्मी के जवान दीवाकर को मुखाग्नि दी। आर्मी के अधिकारियों ने श्मशान घाट पर मृतक के पिता शंकर महतो को तिरंगा भेंट की। मृतक के पिता शंकर महतो ने बताया कि शनिवार की सुबह जम्मू से फोन आया था कि दीवाकर की मौत बिजली के शॉर्ट-सर्किट से हुई है परन्तु शव महुई पहुंचने के बाद आर्मी के जवानों ने बताया कि दीवाकर की मौत सर्च ऑपेरशन के दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा पर हुई है। अर्थात मेरा बेटा सीमा पर शहीद हुआ है यह मेरे लिए गौरव की बात है। ताबूत में शव लेकर पहुंचे आर्मी के अधिकारियों ने बताया कि दीवाकर काफी होनहार व फुर्तीला जवान था। हाल ही में वह एक महीना छुट्टी बिताकर जम्मू गया था। आर्मी के जवानों द्वारा दीवाकर के परिजनों के उसके अंतिम संस्कार हेतु नगद व चेक भेंट की गई। दीवाकर का जन्म वर्ष 1995 में हुआ था। करीब दो साल पूर्व उसकी शादी महुई गांव में ही रामायण नाथ की बेटी फूलकुमारी देवी से हुई थी। उसके गोद मे ढाई माह का एक लड़का है। दीवाकर का सबसे बड़ा भाई ज्ञानचंद महतो भी आर्मी का जवान है। दीवाकर को श्रद्धांजलि देने वालो का सुबह से ही तांता लगा रहा। शहीद दीवाकर के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालो में वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार महतो, राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे, रामनगर विधायक भागीरथी देवी, जीप अध्यक्ष निर्भय कुमार महतो, पूर्व जीप अध्यक्ष अमर यादव, प्रखंड प्रमुख जयप्रकाश पासवान, उप प्रमुख राजेश गढ़वाल, मुखिया संघ के अध्यक्ष प्रदीप पँजियार, मुखिया शहर चौधरी, जिला पार्षद पूनम कुमारी, संजय कुमार काजी, शर्मा यादव, शम्भू गोंड, वाल्मीकि प्रसाद आदि शामिल थे। हजारों की संख्या में शहीद दीवाकर के घर पर पहुंचे लोगो ने शहीद दीवाकर जिंदाबाद के नारा लगाया। स्थानीय लोगो ने बताया कि दीवाकर महतो शहीद होकर महुई, गौनाहा, प. चंपारण व बिहार का नाम रौशन किया है। आर्मी के जवानों ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सीमा के 150 मीटर की दूरी पर सर्च ऑपेरशन चलाया जा रहा था। इसी बीच दीवाकर को गोली उसके सीने पर लगी, जिससे उसकी मौत हो गयी। उसके शव को ताबूत में रखकर जम्मू से हवाई मार्ग से पटना लाया गया। पटना में फूलों से सजे एम्बुलेंस में उसके शव को मुजफ्फरपुर लाया गया, फिर वहां से उसको आर्मी के गाड़ी से ताबूत में रखकर शनिवार की रात्रि में तुरकौलिया मध्य विद्यालय में रखा गया। जहां से रविवार को सुबह उसके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव महुई अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया।

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