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15 साल में पहली बार इतने cहोंगे धरती और मंगल ग्रह, आप देख पाएंगे लाइव स्ट्रीम

15 साल में पहली बार इतने करीब होंगे धरती और मंगल ग्रह, आप देख पाएंगे लाइव स्ट्रीम

ख़ास बातें
31 जुलाई को मंगल और पृथ्वी के बीच की दूरी 57.6 मिलियन किलोमीटर होगी
अक्टूबर 2020 तक यह Mars और Earth के बीच सबसे कम दूरी होगी
2003 में दोनों ग्रहों के बीच की दूरी 56 मिलियन किलोमीटर थी

31 जुलाई 2018 की रात को मंगल ग्रह पृथ्वी के बेहद करीब होगा। देखा जाए तो बीते 15 साल में दोनों ग्रह इतने करीब कभी नहीं आए। धरती के एक तरफ मंगल ग्रह होगा और दूसरी तरफ सूरज। तीनों ही खगोलीय पिंड एक सीधी रेखा में रहेंगे। भले ही पृथ्वी और मंगल ग्रह बीते 15 साल में सबसे करीब होंगे, लेकिन उनके बीच की दूरी 57.6 मिलियन किलोमीटर होगी। अक्टूबर 2020 तक यह Mars और Earth के बीच सबसे कम दूरी होगी। लेकिन इस दौरान मंगल ग्रह की झलक ऐसी होगी जो अगले 15-17 साल में नहीं देखने को मिलेगी। 27 जुलाई को जिन लोगों ने रात में चंद्र ग्रहण देखा था, उन्हें लाल ग्रह के नाम से बुलाए जाने वाले मंगल ग्रह की भी झलक मिली होगी। यह चंद्रमा के ठीक नीचे मौज़ूद था।

15 साल में पहली बार धरती का मंगल ग्रह के इतने करीब आना अपने आप एक यादगार खगोलीय घटना है। लेकिन 2003 में दोनों ग्रहों के बीच की दूरी 56 मिलियन किलोमीटर थी। नासा की मानें तो 60,000 साल में पहली बार मंगल और धरती इतने करीब आए थे और ऐसी परिस्थिति फिर 2287 में हो सकती है।

ऐसा क्यों होता है?
अन्य ग्रहों की तरह पृथ्वी और मंगल अंडाकार कक्षा में घूमते हैं। जब मंगल ग्रह अपनी कक्षा में सूर्य के निकटतम बिंदु पर होता है, तब पेरीहेलिक ऑपोज़ीशन होता है। ऐसी परिस्थिति 27 जुलाई 2018 को बनी, यानी चंद्र ग्रहण की रात। उस समय, दोनों ग्रहों के बीच की दूरी आज की से अधिक थी। लेकिन यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि धरती के सबसे नज़दीक होने का मतलब यह नहीं है कि यह सबसे चमकीला भी होगा। वास्तव में, ग्रह की सबसे अच्छी दृश्यता 27 जुलाई से 30 जुलाई तक होने का अनुमान था।

कहां से मिलेगी इस अनोखे खगोलीय घटना की झलक
धरती को मंगल के इतने करीब देखने की सबसे बेहतरीन जगह दक्षिणी गोलार्द्ध है। इसका अर्थ है कि भारत इस दिव्य घटना के लिए सबसे अच्छे स्थान पर नहीं है। हालांकि, दृश्यता बहुत खराब नहीं होगी। अनुमान लगाया गया है कि यह ग्रह भारत के सभी हिस्सों से आसानी से दिखाई देगा। लेकिन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका या दक्षिण अमेरिका वाली बात नहीं होगी। ग्रह को देखने के लिए आपको एक बड़े लेंस (आकार में 6 से 8 इंच) वाले एक दूरबीन की आवश्यकता होगी। इसके बावज़ूद बादल बाधा डाल सकते हैं।

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