अतिक्रमण : नोएडा सेक्टर 27 हो रहे गुलजार, नये वेडिंग जोन नही पहुँचे दुकानदार

नोएडा समाज जागरण

नोएडा प्राधिकरण नें हाल ही मे नोएडा सेक्टर 27 को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए 300 वेंडर को लाईसेंस देकर नये वेंडिंग जोन मे शिफ्ट किया। लेकिन यह नोएडा कि बदकिस्मती है या खुशकिस्मती अतिक्रमण मुक्त होने को राजी ही नही है। यहाँ यह कहना भी ठीक होगा कि प्राधिकरण के नीयत भी अतिक्रमण मुक्त करने की नही रही है। अन्यथा जिनकों दुकान दे दिया गया है उनको तो शिफ्ट किया ही जा सकता है। शासनिक, प्रशासनिक और न्यायालय के दाव पेंच में उलझते स्मार्ट सिटी नोएडा के वेंडिंग जोन दिनों दिन बद से बदतर ही होता चला जा रहा है।

हाल ही में प्राधिकरण नें 300 वेंडर को वेंडिंग जोन में दुकान अलाट किया है। माननीय सांसद गौतमबुद्धनगर श्री महेश शर्मा के कर कमलो के द्वारा उद्घाटन किया गया। लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी वहाँ कोई वेंडर नही पहुँच रहा है। यह कहना भी ठीक होगा की वेंडर न तो पूराने जगहों को छोड़ना चाहते और न तो नयी वाली वेंडिंग जोन को। जाहिर सी बात है कि नये वेंडिंग जोन में फिलहाल सुनहरी मार्किट कि तरह ग्राहक नही पहुँचेंगे। यह तो प्राधिकरण को सोचना है कि अतिक्रमण मुक्त कैसे किया जाय। जब स्मार्ट सिटी के स्मार्ट सेक्टर 18 अतिक्रमण मुक्त नही है तो बांकि का आकलन आप स्वयं कर सकते है।

माना जाता है कि नोएडा सेक्टर 27 में वेंडर है उसमें से ज्यादातर वेंडर दुकानदारों के लिए काम करते है या फिर दुकानदारो को पैसे देकर दुकान लगाते है। अन्यथा कौन दुकानदार ऐसा होगा जो अपना ग्राहक पटरी दुकानदार को देगा वह भी नोएडा जैसी स्मार्ट शहर में। यही कारण है कि दुकानदार इन पटरी दुकानदारों का विरोध नही करते है। दुकान के बाहर पैदल चलने के लिए बने फुट-पाथ पर तो कब्जा हो ही चुका है उसके 3 मीटर आगे तक सड़क भी इसी जद में है। मेट्रो में आने-जाने वालों को मेट्रो गेट से बाहर निकलने में काफी धक्का मुक्की का सामना करने पड़ते है। क्योंकि आधे सीढी को वेंडर और आधे पर भिखारियों ने कब्जा जमा लिया हुआ है।

जैसे-जैसे त्योहारों का सीजन आते जा रहे है वैसे ही अतिक्रमण भी बढ़ते जा रहे है। हालांकि अभी ट्रेफिक जाम नही हो रहा है लेकिन गाड़ी में ब्रेक अवश्य लगाना पड़ता है। नोएडा के सबसे स्मार्ट सेक्टर, सेक्टर 18 के सामने सेक्टर 27 की यह आलम नोएडा के स्मार्ट सिटी होने पर भी प्रश्न चिंह लगा दिया है ? सुनहरी मार्केट में जहाँ कपड़े वाले, बैग वाले औऱ दूसरे सामान बेचने वाले फुटकर लोग है वही सेक्टर 27 पुलिस चौकी के पास सड़क पर खाने पीने की सामान बेचने वालों का कब्जा है। राजनीतिक माफिया संरक्षण मे चल रहे यह ठेली पटरी वालों का कहर इतना है कि पुलिस वाले भी इनको सलाम करते होंगे। यहाँ पर पुलिस स्वयं ही उनके सुरक्षा में खड़ी रहती है। रहना भी चाहिए क्योंकि ये लोग भले ही सरकार को डायरेक्ट टैक्स पेय करने के लिए गरीबी रेखा में आते हो लेकिन सरकारी अमला के जेब जरूर भरते है।

नोएडा सेक्टर 18 सावित्री मार्किट भी अतिक्रमण से अछूता नही है। प्राधिकरण के हिसाब से सेक्टर में सिर्फ एन ब्लाक में वेंडिंग जोन है लेकिन आप सावित्री मार्केट में जाईये तो आपको रेहड़ी खोमचे वाले मिल जायेंगे। यहाँ पर आपको खाने पीने से लेकर स्टीकर मोबाईल कवर और दूसरे प्रकार के सामान भी मिल जायेंगे। जब समय था तब प्राधिकरण कहती रही कि यहाँ पर कोई अतिक्रमण नही है। अब कारवाही कर नही सकती है क्योंकि इन लोगों नें माननीय न्यायालय से आर्डर प्राप्त कर लिया है। जब यहाँ पर अतिक्रमण था ही नही तो कोर्ट नें स्टे आर्डर किस आधार पर दिया है? अगर स्टे आर्डर दिया गया है तो यहाँ पर अतिक्रमण था और है। यहाँ पर पहले से ही नान वेंडिंग जोन का बोर्ड लगा हुआ है लेकिन फिर भी माननीय न्यायालय से आदेश प्राप्त करने में यह लोग कैसे सफल हो जाते है यह भी एक रहस्य है। भ्रष्टाचार में डुबी प्राधिकरण के लिए ऐसे भी यह कोई बड़ा मामला नही है, लेकिन इसी तरह से चलते रहे तो वेंडर लोग सड़क पर दुकान लगाने के लिए भी माननीय न्यायालय से आदेश प्राप्त कर ले यह भी संभव है। वेंडर भी प्राधिकरण के कमजोरी का लाभ उठाने में कोई कसर नही छोड़ रहे है।

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