गर्मी के मौसम में होने वाली आगलगी और लू की घटनाओं को लेकर डीएम ने की बैठक।

नवादा (आर्यन मोहन)जिला पदाधिकारी श्री यश पाल मीणा के आदेश केआलोक में आज समाहरणालय के सभागार में श्री उज्जवल कुमार सिंह अपर समाहर्ता नवादा ने आगलगी की घटनाएं एवं लू से बचाव के संबंध में समीक्षात्मक बैठक किये। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अधिक गर्म मौसम के कारण लू चलती है। इसके कारण मैदानी भागों में अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सें0 और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री से0 तक पहुंच जाता है। लू चलने का मुख्य कारण पर्यावर्णीय कारक है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले में लू के कारण 18 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी जिसमें सर्वाधिक 04 नवादा सदर प्रखंड से।
जिला स्तर पर आपदा राहत और लू से बचाव के लिए जागरूक करने का निर्देश अंचलाधिकारी और विकास मित्र को दिया गया है। लू प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों का तीसरा बड़ा कारण है। लू शरीर का निर्जलीकरण कर देता है और प्रतिरोधक क्षमता को घटा देता है। लू से बचने के लिए धूप में नहीं जायं, विशेषकर 12 बजे से 03 बजे अपराहन के बीच। पर्याप्त मात्रा में पानी चाहिए। हल्के रंग और ढ़ीले सूती वस्त्र का प्रयोग करें। यात्रा के समय अपने साथ पानी अवश्य रखें। जानवरों को छाया में रखें और पीने के लिए भरपूर पानी दें। वासी भोजन नहीं करें। पंखे, नरम कपड़े का प्रयोग करें और ढंढ़े पानी से बार बार स्नान करें।
अपर समाहर्ता ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी श्री कुमार प्रदीप को निर्देश दिये कि जिले के सभी चापाकलों को अविलम्ब मरम्मत करना सुनिश्चित करें। किसी भी स्थल से पेयजल की शिकायत नहीं होनी चाहिए। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जिले में औसत भूजल स्तर 27 फीट है। पीएचईडी के पास 16 टैंकर है जिसको चालू रखने के लिए कई निर्देश दिया गया। डाॅ0 श्रीमती निर्मला कुमारी को निर्देश दिया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से बचाव के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध करायें। ओआरएस घोल पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति करें।
आज की बैठक में श्री उमेश कुमार भारती अनुमंडल पदाधिकारी नवादा सदर, श्री राजीव कुमार आपदा प्रभारी, श्री प्रषांत अभिषेक निदेशक डीआरडीए, श्री सत्येन्द्र प्रसाद डीपीआरओ के साथ-सभी अंचलाधिकारी उपस्थित थे।

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